बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व गुरुवार को आगर जिला मुख्यालय सहित सुसनेर, नलखेड़ा, बड़ौद, सोयत, कानड़ और तनोड़िया सहित पूरे जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय के दशहरा मैदान पर परंपरानुसार 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इसके साथ ही 25-25 फीट ऊंचे मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों को भी जलाया गया। इस भव्य कार्यक्रम में हजारों की संख्या में नागरिक शामिल हुए और आतिशबाजी तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। देखिए तस्वीरें तनोड़िया में नहीं जलाते रावण जिले में तनोड़िया की दशहरे की परंपरा इस बार भी आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। तनोड़िया में रावण दहन की परंपरा नहीं निभाई जाती है। यहां करीब 600 साल पुरानी परंपरा के अनुसार, मिट्टी के मटकों से बने रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण का वध पत्थरों से किया जाता है। इस अनूठी परंपरा को आज भी जागीरदार परिवार के वंशज निभाते हैं। इस अवसर पर पूरा नगर एकत्रित होकर इस ऐतिहासिक दृश्य का साक्षी बनता है। दशहरा उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक एकता और सौहार्द का भी संदेश देता नजर आया। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगकर बधाई दी और बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मिलकर मनाया।


