NCRB रिपोर्ट 2023- देश में 7% क्राइम बढ़ा:हत्या में यूपी, दुष्कर्म में राजस्थान आगे; महिलाओं के खिलाफ अपराध ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) ने मंगलवार को देश में 2023 के दौरान हुए अपराधों की रिपोर्ट सार्वजनिक की। रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में देश में कुल 62 लाख 41 हजार 569 अपराध दर्ज हुए। ये 2022 की तुलना में 7.2% ज्यादा हैं। देशभर में महिलाओं पर 4.48 लाख अपराध दर्ज हुए, जो 10 साल में सबसे ज्यादा हैं। दुष्कर्म के मामलों में राजस्थान (5,078 केस)​​ का पहला स्थान है। हत्या के मामले में यूपी (3,206 केस)​​ सबसे आगे है। वहीं, देशभर में बड़े क्राइम जैसे हत्या, दुष्कर्म और लूट के मामलों में कमी देखी गई है। हालांकि,​​​​​ इनमें​​ दुष्कर्म के केस सबसे ज्यादा दर्ज किए गए। दूसरे नंबर पर हत्या और तीसरे पर लूट के केस दर्ज हुए। हत्या-अपहरण के मामलों में यूपी-बिहार ऊपर इस रिपोर्ट के मुताबिक राज्यों में हत्या और अपहरण के मामलों में उत्तर प्रदेश और बिहार सबसे ऊपर हैं। यानी गंभीर अपराधों की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में इन दोनों राज्यों में सबसे अधिक है। इसके अलावा, सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में भी यूपी टॉप पर है, जो राज्य में बढ़ती ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था की चिंताओं को दर्शाता है। देश में साइबर क्राइम के 86,420 केस दर्ज देशभर में साइबर क्राइम के मामलों में 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 2023 में कुल 86,420 केस दर्द किए गए। साइबर के माध्यम से हत्या के मामले में यूपी, दुष्कर्म में राजस्थान और लूट में महाराष्ट्र सबसे आगे रहा। देश में सबसे कम साइबर क्राइम सिक्किम में दर्ज किए गए। बच्चे; यौन अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं 2023 में बच्चों के खिलाफ अपराधों की दर 39.9 प्रति एक लाख बाल जनसंख्या रही, जो 2022 में 36.6 थी। इन मामलों में अपहरण (79,884, 45%) और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध (67,694, 38.2%) सबसे प्रमुख रहे। अधिकतर अपराधी पीड़ित के जानपहचान के लोग थे। कुल 40,434 मामलों में 39,076 मामलों में आरोपी जानकार थे। 3,224 में परिवार के सदस्य, 15,146 में परिवार के जानने वाले और 20,706 में दोस्त आदि थे। बच्चों पर अपराध में मध्य प्रदेश पहले नंबर पर रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में बच्चों पर अपराध के 1.77 लाख केस दर्ज हुए, जो 2022 में 1.62 लाख थे। यानी एक साल में 9.2% की बढ़ोतरी हुई, जो महिलाओं और बुजुर्गों के मुकाबले सबसे ज्यादा है। वहीं, राज्यों में अकेले मध्य प्रदेश मे 22,393 केस सामने आए हैं। बच्चों के खिलाफ हर दिन औसतन 486 और हर तीन मिनट में एक अपराध दर्ज हुआ। दहेज से जुड़े अपराध 14% बढ़े दहेज से जुड़े अपराधों में 2023 में 14% की बढ़ोतरी हुई है। 2023 में 15,489 दहेज से जुड़े मामले दर्ज हुए और 6,100 से ज्यादा महिलाओं की मौत हुई। 2022 में 13,479 और 2021 में 13,568 मामले दर्ज हुए थे। दहेज के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर रहा, जहां 7,151 मामले दर्ज हुए। इसके बाद बिहार 3,665 और कर्नाटक 2,322 का स्थान रहा। वहीं, 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2023 में एक भी दहेज का केस दर्ज नहीं हुआ। वहीं, 6,156 महिलाओं की मौत दहेज विवाद में हुई। अकेले उत्तर प्रदेश में 2,122 और बिहार में 1,143 मौतें दर्ज की गईं। दहेज निषेध कानून के तहत 2023 में 83,327 मामले ट्रायल के लिए कोर्ट में पेंडिंग रहे, जिनमें से 69,434 पुराने मामले थे। इस कानून के तहत पुलिस ने 27,154 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 22,316 पुरुष और 4,838 महिलाएं शामिल थीं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में यूपी- महाराष्ट्र आगे 2023 में महिलाओं के खिलाफ अपराध 0.7% व बुजुर्गों पर 2.7% बढ़े। महिलाओं के खिलाफ अपराध में 4 लाख 48 हजार 211 केस दर्ज हुए, जिसमें सबसे ज्यादा ‘पति या रिश्तेदार द्वारा क्रूरता’, ‘अपहरण’, ‘बलात्कार’ और ‘छेड़छाड़’ के मामले थे। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में यूपी, महाराष्ट्र, प. बंगाल, राजस्थान सबसे आगे हैं। वहीं, महिलाओं के अपहरण में ‘जबरन शादी’ की प्रवृत्ति बड़ी संख्या में सामने आई, खासकर उत्तर और मध्य भारत में। दुष्कर्म के 29,670 मामले दर्ज किए गए 2023 में देश में दुष्कर्म के कुल 29,670 मामले दर्ज किए गए। सबसे ज्यादा 5,078 मामले राजस्थान और 3,516 मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए। दिल्ली में 1,094 मामले सामने आए। वहीं, 2022 में कुल 31,516 मामले दर्ज हुए थे। मेट्रो सिटी में अपराध बढ़े 2023 में बड़े शहरों में अपराध बढ़ता हुआ रिकॉर्ड किया गया। बेंगलुरु में सबसे ज्यादा 68,250 केस दर्ज हुए। वहीं, दूसरे पर चेन्नई और तीसरे स्थान पर मुंबई रहा। ऑनलाइन धोखे के मामलों में मुंबई पहले नंबर पर मुंबई 19 मेट्रो शहरों में ऑनलाइन चीटिंग में पहले स्थान पर रही। ऐसे 2,396 मामले दर्ज हुए और ऑनलाइन दस्तावेज फर्जीवाड़े के 45 केस आए। महिलाओं व बच्चों के साथ साइबर स्टॉकिंग/बुलिंग में मुंबई दूसरे (119 केस) नंबर पर रही, जबकि हैदराबाद इस मामले में पहले (163 केस) पर रहा। इंटरनेट के जरिए यौन शोषण में भी मुंबई दूसरे (179 केस) नंबर पर रही। बेंगलुरु पहले (374 केस) पर। साइबर अपराधों की लंबित मामलों में मुंबई सबसे आगे रही। किसानों की आत्महत्या; महाराष्ट्र की सर्वाधिक 38.5% हिस्सेदारी है रेलवे में यात्रियों के साथ चोरी में भी महाराष्ट्र आगे दिल्ली में सबसे अधिक नकली नोट के मामले दर्ज हुए
NCRB रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में देश में कुल 3 लाख 51 हजार 656 नकली नोट जब्त किए गए। इनकी कुल कीमत 16.86 करोड़ रुपए थी। दिल्ली में सबसे अधिक नकली मुद्रा के मामले भी दर्ज किए गए हैं, विशेष रूप से 2000 रुपए के नोटों के। राजस्थान और असम 500 रुपए के नकली नोटों की जब्ती में आगे रहे हैं। राजस्थान ने 500 रुपए के 38,087 नकली नोट जब्त किए, जिनकी कीमत 1.9 करोड़ रुपए थी। असम ने 37,240 नोट जब्त किए, जिनकी कीमत 1.86 करोड़ रुपए थी। वहीं, उत्तर प्रदेश 200, 100, 50 और 20 रुपए के नोटों सहित कम मूल्य के नकली नोटों की जब्ती में टॉप राज्य के रूप में उभरा है। प्रदेश ने 13.11 लाख रुपए मूल्य के के 200 रुपए के 6,558 नकली नोट जब्त किए। इसके बाद कर्नाटक में 4,903 नोट और राजस्थान में 3,593 नोट जब्त किए गए। उत्तर प्रदेश में 6.03 लाख रुपए मूल्य के 12,068 नकली नोट जब्त किए गए, जो दिल्ली (3,027 नोट) और महाराष्ट्र (1,457 नोट) में जब्त किए गए नोटों की संख्या से चार गुना से भी ज्यादा है। ——————————— यह खबर भी पढ़ें… मुंबई और कोहिमा देश में महिलाओं के लिए सबसे सेफ:पटना और दिल्ली में सबसे कम सुरक्षित, NARI की सालाना रिपोर्ट कोहिमा, विशाखापट्टनम, भुवनेश्वर, आइजोल, गंगटोक, ईटानगर और मुंबई देश में महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित शहर हैं। वहीं, पटना, जयपुर, फरीदाबाद, दिल्ली, कोलकाता, श्रीनगर और रांची महिलाओं के लिए सबसे कम सुरक्षित शहर हैं। यह जानकारी नेशनल एनुअल रिपोर्ट एंड इंडेक्स ऑन वुमेंस सेफ्टी (NARI) 2025 में सामने आई। पूरी खबर पढ़ें…

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