राजस्थान की टंगस्टन नगरी डेगाना अब लिथियम नगरी के नाम से जानी जा सकती है। भारतीय भूगर्भ सर्वेक्षण (जीएसआई) के सर्वे में नागौर जिले की रेवंत डूंगरी पहाड़ियों में भारी मात्रा में लिथियम भंडार मिलने की पुष्टि हुई है। इस खोज के बाद केन्द्र सरकार के खान मंत्रालय ने खनन की नीलामी प्रक्रिया शुरूकर दी है। खनन शुरू होने के बाद न केवल प्रदेश के राजस्व और रोजगार में भारी बढ़ोतरी होगी, बल्कि भारत को विदेशी आयातपर निर्भरता से भी मुक्ति मिलेगी। अभी देश अपनी जरूरत का करीब 70 से 80 प्रतिशत लिथियम चीन से आयात करता है। खनन भारत को लिथियम में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। खान मंत्रालय ने 23 सितंबर से क्रिटिकल मिनरल्स की नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें लिथियम सहित रेयर अर्थ, टंगस्टन और रॉक फॉस्फेट शामिल हैं। निविदा दस्तावेजों की बिक्री 24 नवंबर 2025 तक होगी, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 1 दिसंबर 2025 तय की गई है। लिथियम को व्हाइट गोल्ड कहा जाता है। ईवी कारों की बैटरी, मोबाइल और लैपटॉप, ऊर्जा भंडारण, परमाणु रिएक्टर, डेगाना की खोज से भारत सामरिक और आर्थिक दोनों मोर्चों पर मजबूत होगा।


