दैनिक भास्कर की ओर से शुरू किए गए सिविक इश्यू सेगमेंट का असर दिखने लगा है। नगर निगम हेरिटेज जयपुर आम जनता की शिकायतों के समाधान के लिए पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गया है। निगम प्रशासन ने इसके लिए दो विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की है, जो शिकायतों की मॉनिटरिंग कर तय समय पर समाधान सुनिश्चित करेंगे। मेयर कुसुम यादव ने बताया- दैनिक भास्कर की यह पहल आम जनता के लिए काफी उपयोगी है। अब लोग सीधे दैनिक भास्कर एप्लिकेशन के माध्यम से अपनी समस्या दर्ज करवा सकते हैं। निगम की ओर से नियुक्त अधिकारी इन शिकायतों को संबंधित वार्ड और विभाग तक पहुंचाएंगे। जब तक समाधान नहीं हो जाता, लगातार फॉलोअप करेंगे। शिकायत मिलते ही समाधान हुआ
मेयर कुसुम यादव ने उदाहरण देते हुए बताया- वार्ड 84 में सीवरेज लाइन चोक होने की शिकायत आई थी। टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसी तरह वार्ड 17 में कचरे के ढेर की शिकायत मिली थी, जिसे चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर और सेनेटरी इंस्पेक्टर की मदद से पूरी तरह हटवा दिया गया। नगर निगम हेरिटेज कमिश्नर डॉ. निधि पटेल ने कहा- दैनिक भास्कर की पहल से जनता को अपनी समस्या सीधे बताने का मंच मिला है। निगम की ओर से कोशिश होगी कि सभी शिकायतों का जल्द से जल्द निवारण किया जाए, ताकि लोगों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। समाधान तभी, जब अधिकारी समस्याओं पर गंभीर हों
इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि सरकार और अधिकारियों तक रियल टाइम समस्याएं पहुंचें। शहर के हर वार्ड, गली और मोहल्ले से लोग सीधे अपनी बात कह सकें। लोग जो पोस्ट कर रहे हैं, उनमें से 90 प्रतिशत में यही लिखा होता है कि छोटी सी समस्या के लिए वे सरकारी दफ्तरों और अफसरों के कई चक्कर काट कर थक चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होती। अब सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक लेकर समाधान का रास्ता चुनें। हर समस्या पर तुरंत एक्शन लें। यदि ऐसा होता है तो हम सब मिलकर बहुत जल्दी जयपुर शहर की तस्वीर बदल सकते हैं। ऐसे कर सकते हैं अपनी पोस्ट शेयर- … ये खबर भी पढ़ें… जयपुरवासियों ने दिखाई शहर की असली तस्वीर:भास्कर एप के सिविक इश्यू सेगमेंट में लिखा- राजधानी में टूटी सड़कें, बंद रोड लाइट आम बात दैनिक भास्कर एप पर समस्याओं को पोस्ट करने का नया सेगमेंट ‘सिविक इश्यू’ जयपुरवासियों को नया एक्सपीरियंस दे रहा है। भास्कर एप का उद्देश्य है कि आमजन से जुड़ी समस्याएं रियल टाइम (तत्काल) सामने आएं। अधिकारी तुरंत उस पर एक्शन लें, ताकि लोगों को लंबी सरकारी प्रक्रिया में फंसने की जगह राहत मिले। (पूरी खबर पढ़ें)


