छतरपुर में रावण दहन में अव्यवस्था:पुतला नहीं जला, दर्शकों ने मूंछें नोची,आंख निकाली;

छतरपुर में विजयदशमी के अवसर पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में अव्यवस्था देखने को मिली। शहर के मेला ग्राउंड में 51 फीट ऊंचा रावण पुतला पूरी तरह नहीं जल पाया, जिससे दर्शकों में आक्रोश फैल गया। देर रात दहन होने के कारण कई लोग घर लौट गए, वहीं कुछ लोगों ने पुतले की आंखें निकाल लीं और मूंछें नोच डालीं। पुतला नहीं जला
श्री अन्नपूर्णा रामलीला समिति द्वारा 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर छत्रसाल के पास मेला ग्राउंड में रावण दहन का आयोजन किया गया था। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिए बैरिकेड लगाए थे। हालांकि, कलेक्ट्रेट कार्यालय, जिला न्यायालय, जनपद पंचायत, नगर पालिका परिषद और छत्रसाल चौराहा नजदीक होने के कारण पुतले में कम मात्रा में विस्फोटक और ईंधन डाला गया था। इसी कारण पुतला पूरी तरह नहीं जल सका और केवल उसके हाथ और पैर जल पाए। लोगों ने नीचे गिराया, मूंछें नोची
जब पुतला पूरी तरह नहीं जल पाया, तो उसे जबरन नीचे गिराया गया। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ। पुतला पूरी तरह न जल पाने से दर्शकों में नाराजगी फैल गई। कई लोग पुतले के अवशेष लेकर भागे, वहीं कुछ अन्य लोगों ने रावण की आंखें और मूंछें नोच डालीं। रावण दहन का कार्यक्रम शाम को शुरू होना था, लेकिन यह देर रात 12:30 बजे हुआ। इतनी देर तक इंतजार करने के बाद बड़ी संख्या में दर्शक बिना दहन देखे अपने घर लौट गए। छतरपुर में रावण दहन की परंपरा आजादी के बाद 1947 में गांधी आश्रम में 16 फीट के पुतले के दहन से शुरू हुई थी। 2025 में यह कार्यक्रम शहर के मेला ग्राउंड में आयोजित किया गया। देखें तस्वीरें

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *