नईगढ़ी में शारदीय नवरात्र के समापन के बाद गुरुवार रात से देवी दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया। यह परंपरा विधि-विधान और जयकारों के साथ निभाई गई। बैंड-बाजों और डीजे के साथ श्रद्धालुओं के जुलूस नगर की गलियों से होते हुए अष्टभुजा धाम पहुंचे। देवी प्रतिमाओं का विसर्जन अष्टभुजा धाम मंदिर परिसर से बहने वाली कगास नदी के देवलहा घाट पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान ‘जय माता दी’ के जयकारे गूंजते रहे। पुलिस ने रातभर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण में सतर्कता रखी सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस अमला देर रात तक सतर्क रहा। कलेक्टर संजय कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह ने स्वयं अष्टभुजा धाम परिसर का दौरा किया और रात दो बजे तक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। घाट परिसर के दोनों किनारों पर पर्याप्त रोशनी, भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल और नगर परिषद के कर्मचारी तैनात रहे। गंगा-सोन जैसी प्रमुख नदियों में प्रतिमा विसर्जन पर प्रतिबंध के कारण, पिछले कई वर्षों से रीवा और सीधी जिलों के श्रद्धालु भी अष्टभुजा धाम के देवलहा घाट पर ही विसर्जन के लिए आते हैं। इस वर्ष अनुमानतः दो हजार से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन यहां किया गया। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष नागिता गुप्ता, उपाध्यक्ष विभा शर्मा और समाजसेवी रामदयाल शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासनिक टीम में एसडीएम राजेश मेहता, सीएमओ हेमंत त्रिपाठी और थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर अपने दल के साथ व्यवस्थाएं संभालते दिखे। श्रद्धालुओं ने इस वर्ष की व्यवस्थाओं की सराहना की और प्रशासनिक अमले के प्रति आभार व्यक्त किया। देवी प्रतिमाओं का विसर्जन शुक्रवार देर शाम तक जारी रहेगा।


