वन विभाग की देखरेख में कैलादेवी रेंज में वन्यजीव सप्ताह 2025 का शुभारंभ किया गया। यह आयोजन रणथंभौर टाइगर रिजर्व (द्वितीय), करौली के उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक के निर्देशन में तथा रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर संजय कुमार मीणा के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों को वन्यजीव संरक्षण की शपथ दिलाने के साथ हुई। बच्चों ने वन्यजीवों की रक्षा और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। इसके बाद, स्कूली बच्चों, स्वयंसेवी संस्थाओं, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना के प्रतिनिधियों ने एक जागरूकता रैली निकाली। इस रैली के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को वन्यजीवों के महत्व, उनके संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के बारे में जागरूक किया गया।
रैली के उपरांत बच्चों को जंगल भ्रमण पर ले जाया गया, जहां उन्हें जैव विविधता, पर्यावरणीय संतुलन और वन्यजीवों की भूमिका की विस्तृत जानकारी दी गई। संरक्षण के संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए पारंपरिक कठपुतली कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसने ग्रामीणों को आकर्षित किया। इस अवसर पर ग्राम कैलादेवी की ग्राम वन सुरक्षा एवं प्रबंधन समिति के अध्यक्ष वीर सिंह और सदस्य कमल सिंह ने सक्रिय भागीदारी की।
उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर वन संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। सायंकाल, स्थानीय ग्रामीणों के साथ “मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व” विषय पर एक संवादात्मक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीवों से संघर्ष से बचते हुए किस प्रकार सामंजस्यपूर्ण जीवन जीना संभव है।
कार्यक्रम में विस्थापन के महत्व पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विस्थापन केवल वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि वन क्षेत्र के अत्यधिक संवेदनशील इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी आवश्यक है। वन्यजीव सप्ताह 2025 के अंतर्गत आगामी दिनों में भी विविध कार्यक्रम, जिनमें चित्रकला प्रतियोगिता, निबंध लेखन और पोस्टर प्रदर्शन शामिल हैं, आयोजित किए जाएंगे।


