हिमाचल में सेक्रेटरी-HOD पर कसेगा शिकंजा:गुप्ता बोले- लेटलतीफी नहीं चलेगी, शहर से बाहर जाने की CM-मंत्री और CS को सूचना जरूरी

हिमाचल प्रदेश की अफसरशाही में फेरबदल के बाद लेटलतीफ और काम नहीं करने वाले ब्यूरोक्रेट पर शिकंजा कसने वाला है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ विभागीय सचिवों की मीटिंग के बाद मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे ACS संजय गुप्ता ने इसके संकेत दे दिए है। संजय गुप्ता ने कहा- सीएम सुक्खू ने देरी से दफ्तर आने वाले अधिकारियों के साथ सख्ती बतरने के निर्देश दिए है। विभागीय सचिव और HOD को शहर से बाहर जाने से पहले सीएम, संबंधित मंत्री और मुख्य सचिव को मैसेज डालकर इसकी सूचना देनी होगी, ताकि उन्हें अपने अधिकारी के बारे में जानकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की अकाउंटेबिलिटी फिक्स करने को कहा: गुप्ता संजय गुप्ता ने कहा- सीएम ने सभी अधिकारियों की अकाउंटेबिलिटी (जवाबदेही) फिक्स करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी सेक्रेटरी और HOD को सुबह समय पर दफ्तर पहुंचने, समय पर फाइलें निपटाने और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा- उन्हें उम्मीद है कि सभी अधिकारी खुद अपनी जिम्मेदारी समझेंगे। उन्हें सख्ती करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हर 15 दिन में अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा करेंगे: संजय संजय गुप्ता ने कहा- सीएम ने कोई भी फायल एक-दो दिन से ज्यादा पेंडिंग नहीं रखने के निर्देश दिए हैं। अब ऐसे नहीं चलेगा कि दफ्तर में फाइलों के ढेर लगे रहे। उन्होंने कहा- सभी अधिकारियों को सीएम के निर्देशों का पालन करना होगा। अधिकारियों के कामकाज की हर 15 दिन बाद समीक्षा की जाएगी। अनुशासन बनाना उनकी प्राथमिकता: CS संजय गुप्ता ने कहा- अधिकारियों को अनुशासन बनाना होगा। उन्होंने कहा- कुछ समय पहले जब उनकी बिजली बोर्ड में तैनाती हुई तो वहां के हालात बहुत खराब थे। वहां चेयरमैन कभी बैठते ही नहीं थे। जब मुझे (संजय गुप्ता) चेयरमैन लगाया गया तो मैंने दफ्तर में बैठना शुरू किया। इसके बाद सभी अधिकारी-कर्मचारी दफ्तर में बैठने शुरू हुए। उन्होंने कहा- अधिकारियों ने बिजली बोर्ड जैसी दुधारू गाय को बिल्कुल मार दिया। पैसा कमाने वाली संस्था को करोड़ों रुपए का कर्जदार बना दिया। इसलिए, अब अनुशासन बनाए रखना उनकी प्राथमिकता रहेगी। सरकार की सात प्राथमिकताओं पर काम करेंगे: गुप्ता संजय गुप्ता ने कहा- सरकार की सात प्रमुख प्राथमिकताएं है। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती, टूरिज्म, हाइड्रो, डेटा स्टोरेज और नेचुरल फार्मिंग है। इस दिशा में पूरा फोकस ररेगा। उन्होंने कहा- अगले चार-छह महीने आर्थिक स्थिति थोड़ी मुश्किल रहेगी। अगले साल से उम्मीद है कि 2026 और 2027 अच्छे रहेंगे। उन्होंने कहा- ऐसी स्थिति नहीं आने देंगे कि काम ही बंद हो जाए। उन्होंने कहा- मानसून से जो नुकसान हुए हैं, उसकी भरपाई के लिए भारत सरकार से भी संपर्क में है। सरकार ने सबसे सीनियर IAS को सौंपा कार्यभार बता दें कि कांग्रेस सरकार ने बीते शनिवार को ही ACS संजय गुप्ता को मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। इस पद से बीते 30 सितंबर को प्रबोध सक्सेना रिटायर हुए हैं। अब सरकार ने नया चीफ सेक्रेटरी लगाने के बजाय राज्य के सबसे सीनियर एवं 1988 बैच के IAS संजय गुप्ता को ही मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार दिया है।

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