खंडवा में दुर्गा विसर्जन के दौरान डैम के बैकवाटर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट जाने से 11 लोगों की जान चली गई। ट्रॉली में दुर्गा प्रतिमा के साथ करीब 30 लोग सवार थे। इन लोगों ने विसर्जन के लिए बैकवाटर को चुना था, जहां ढलान पर ड्राइवर ने ट्रैक्टर को न्यूट्रल कर दिया। ढलान खत्म होते ही ट्रैक्टर बेकाबू होकर पानी में समा गया। हादसा जिस गांव के बाहर हुआ, वहां के लोग तत्काल इकट्ठा हुए और तैराक युवकों ने 12-15 लोगों को बाहर निकाल लिया। बाकी लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दब गए। हादसे के करीब डेढ़ घंटे बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों और प्रशासन ने मिलकर क्रेन की मदद से ट्रैक्टर-ट्रॉली को पानी से निकाला। इसके बाद लोगों ने तैरकर 10 शव और 3 घायलों को बाहर निकाला। एसडीआरएफ की टीम पहुंची और सर्चिंग करने के बाद आखिरी शव निकाला। आखिरी शव 8 साल की बच्ची का था, जो बैकवाटर में पुलिया के नीचे फंसी हुई थी। जान गंवाने वालों में 8 बच्चियां शामिल हैं। तीन गंभीर घायलों का इलाज खंडवा जिला अस्पताल में चल रहा है। हादसे में इनकी गई जान… पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताया
खंडवा हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की राशि देने का ऐलान किया है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा कर चुके हैं। इधर, प्रशासन ने मृतकों के परिजनों से बैंक खाते और दस्तावेज ले लिए हैं। पंधाना एसडीएम दीक्षा भगोरे ने बताया, सीएम की घोषणा अनुसार मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। रात 2 बजे प्रशासन ने गांव में भोजन के पैकेट और शवों के अंतिम संस्कार के लिए पिकअप वाहनों से लकड़ियां भिजवाईं। रास्ते में ट्रैक्टर पंक्चर हो गया, फिर दूसरा बुलाया
हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग पाडलफाटा गांव के रहने वाले थे। हादसा जामलीखुर्द गांव के पास अर्दला डैम के बैकवाटर में हुआ। मृतकों के गांव से घटनास्थल की दूरी करीब 8 किलोमीटर है। दुर्गा विसर्जन से पहले गुरुवार को ग्रामीणों ने सुबह की आरती की, फिर हवन-पूजन के बाद गांव में शोभायात्रा निकाली। इस दौरान बच्चों और महिलाओं ने गांव में खूब नाच-गाना किया। फिर हर बार की तरह तय हुआ कि विसर्जन के लिए अर्दला डैम पर जाना है। ट्रैक्टर में महिलाओं को छोड़कर बच्चे और गांव की शादीशुदा बेटियों सहित कुछ युवा सवार हो गए। बैकवाटर तरफ मूर्ति लेकर गए
गांव से अर्दला डैम के लिए निकलने लगे तो रास्ते में 5 किलोमीटर जाकर काकोड़ा गांव में ट्रैक्टर पंक्चर हो गया। इसके बाद काकोड़ा गांव से ही एक किसान के ट्रैक्टर को लिया और ट्रॉली में लगा दिया। इसके बाद डैम के लिए आगे बढ़ें। दीवाल गांव से होकर अर्दला डैम की पाल पर गए। यहां पाल पर 20 फीट के करीब गहराई होने के कारण उन्हें विसर्जन के लिए स्थान उपयुक्त नहीं लगा। फिर उन्होंने ऐसी जगह चुनी, जहां डैम का बैकवाटर हो, ताकि वहां आसानी से मूर्ति का विसर्जन कर सके। ड्राइवर ने ढलान पर ट्रैक्टर न्यूट्रल किया
बैकवाटर की यह जगह उन्हें जामलीखुर्द गांव में मिली। जामली गांव की दूरी आधा किलोमीटर के करीब है, लेकिन ट्रैक्टर जाने का रास्ता नहीं था, ऐसे में दो किलोमीटर का फेर लगाते हुए ट्रैक्टर को जामली गांव ले गए। गांव के बाहर ही बैकवाटर है। ड्राइवर ने ट्रैक्टर को बैकवाटर की तरफ लिया। सामने 50 मीटर की ढलान थी। ग्रामीण बताते हैं कि ड्राइवर ने ढलान देखकर ट्रैक्टर को न्यूट्रल कर लिया। ढलान खत्म होते ही ट्रॉली पलट गई
ढलान खत्म हुई, उससे पहले पानी आ गया और पानी के भीतर पुलिया थी। पुलिया के पास जाकर ट्रैक्टर रुका, लेकिन तब तक वह बेकाबू हो चुका था। ट्रॉली वाला हिस्सा बैकवाटर की गहराई में पलटी खा गया। ट्रॉली के गहराई में उतरते ही ट्रैक्टर भी गिर गया। ट्रैक्टर में करीब 30 लोग सवार थे, तैरकर कुछ युवा बाहर आ गए तो कुछ को ग्रामीणों ने बाहर निकाला। बाकी बच्चे थे, जो ट्रॉली के नीचे दबकर डूब गए। इस तरह कुल 11 लोगों के शव बाहर निकाले गए। मृतकों में दो-दो सगी बहनें, मौसी के साथ गई थीं
मृतकों में कई लोग ऐसे हैं, जो आपस में रिश्तेदार हैं। इनमें उर्मिला और किरण दो सगी बहनें थीं, वह अपनी मौसी पातलीबाई के साथ दुर्गा विसर्जन के लिए गई थी। हादसे में मौसी पातलीबाई की भी मौत हो गई हैं। वहीं आरती और शर्मिला भी सगी बहनें थीं। घटना की मूल खबर पढ़ें… एमपी के खंडवा में ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में गिरी, 11 की मौत, इनमें 8 बच्चियां मध्य प्रदेश के खंडवा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में गिर गई। हादसे में 8 बच्चियों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें 7 साल के बच्चे से लेकर 25 साल तक के युवा हैं। पढ़ें पूरी खबर… उज्जैन में दो बच्चों का एक साथ हुआ अंतिम संस्कार, नदी में गिरी थी बच्चों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली उज्जैन के ग्राम नरसिंगा में चंबल नदी में ट्रैक्टर-ट्रॉली गिरने से दो बच्चों के डूबने से मौत हो गई। दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार गुरुवार शाम को उनके गांव पीरझलार में कर दिया गया। दोनों बच्चों की अर्थी एक साथ उठी तो गांव में चीख-पुकार मच गई। पढ़ें पूरी खबर…


