बैतूल की आठनेर जनपद के ग्राम पंचायत मानी में एक पूरी तरह स्वस्थ और जिंदा महिला को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया। इस गड़बड़ी के कारण वह विधवा पेंशन, राशन और अन्य योजनाओं से वंचित हो गई। अब हालात यह हैं कि महिला खुद को “जिंदा” साबित करने के लिए दर-बदर भटक रही है। मामला उजागर होने के बाद जनपद पंचायत सीईओ आस्था जैन ने ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक भीमराव उइके को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पति की मौत, पत्नी को मृत बताया पीड़िता कांता बाई कुमरे ने बताया कि उनके पति सुखदेव कुमरे का निधन 15 मार्च 2023 को हुआ था। पति की मौत के बाद उन्होंने ग्राम पंचायत में विधवा पेंशन के लिए आवेदन किया। लेकिन आवेदन की प्रक्रिया में लापरवाही करते हुए मृतक पति की जगह कांता बाई को ही मृत घोषित कर दिया गया और उनकी समग्र आईडी डिलीट कर दी गई। कांता बाई ने जनपद पंचायत में रोते हुए कहा- मैडम, अब तो मुझे जिंदा कर दो। मैं जिंदा हूं, लेकिन कागजों में मृतक बना दिया गया है। राशन कार्ड से नाम कटा, सुविधाएं बंद महिला के बेटे पप्पू कुमरे ने बताया कि जब मां राशन लेने गईं तो पता चला कि उनका नाम ही सूची से कट चुका है। बाद में जानकारी मिली कि समग्र आईडी डिलीट हो चुकी है। पूछताछ पर रोजगार सहायक ने सफाई दी कि पेंशन आवेदन के दौरान गलती से कांता बाई की आईडी हटा दी गई, जबकि डिलीट पति की करनी थी। सीईओ बोलीं- लापरवाही गंभीर, रोजगार सहायक को नोटिस मामले में जनपद पंचायत सीईओ आस्था जैन ने कहा कि यह लापरवाही बेहद गंभीर है। उन्होंने रोजगार सहायक भीमराव उइके को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। साथ ही रिकॉर्ड सुधारने और कांता बाई को जीवित घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीईओ ने रोजगार सहायक को इस मामले के अलावा अन्य कार्यों में भी लापरवाही बरतने का दोषी पाया है। सीईओ ने कहा- डीलीशन को ठीक करने के लिए पंचायत से ही प्रक्रिया की जानी है। वहां से इंट्री के बाद वह लोकसेवा केंद्र जाएगा। जहां से इस गलती को ठीक करना होगा। लेकिन यह फिलहाल नहीं हुआ है। प्रक्रिया के दौरान महिला को उपस्थित रहना जरूरी है, इस मामले में जीआरएस के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
सरपंच बोले- रोजगार सहायक को कई बार बोला गांव के सरपंच शंकर आहके और ग्रामीणों ने बताया कि घोर लापरवाही है। एक जीवित महिला को “मृतक” दिखाकर न केवल सरकारी योजनाओं से वंचित कर दिया गया बल्कि उसे समाज में बेवजह अपमान और परेशानी भी झेलनी पड़ी। सरपंच ने बताया कि वे रोजगार सहायक को कई बार इस गलती को सुधारने का कह चुके है। लेकिन, उसने इसे ठीक नहीं किया।


