बुरहानपुर जिले ने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चले 16 दिवसीय सेवा पखवाड़े में महिलाओं और किशोरियों की स्क्रीनिंग में रिकॉर्ड बनाया है। इस अभियान में 1849 महिला डॉक्टरों, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अन्य महिला कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अवकाश के दिनों में भी यह अभियान जारी रहा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि जिले में 4 लाख 53 हजार महिलाओं की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों के सहयोग से 60 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। शेष 40 प्रतिशत महिलाओं की जांच सामान्य दिनों में जारी रहेगी। कलेक्टर हर्ष सिंह के निर्देश पर जांच शिविरों की नियमित समीक्षा की गई और कंट्रोल रूम से निगरानी रखी गई। किशोरियों और महिलाओं के हीमोग्लोबिन की जांच के लिए शिक्षा विभाग को भी निर्देश दिए गए। शाम को ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नियमित समीक्षा की जाती थी। इस अभियान के तहत 30 वर्ष से अधिक उम्र के सभी परिवार सदस्यों का ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच की गई। इसमें महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग, गर्भवती महिलाओं की जांच, टीबी की जांच, दंत परीक्षण और मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण शामिल था। छूटे हुए गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण भी किया गया। स्क्रीनिंग के साथ ही बीमार लोगों का उपचार, दवाइयों का वितरण, जांच रिपोर्ट और परामर्श भी उपलब्ध कराया गया। एपेडेमियोलॉजिस्ट रविंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि महिलाओं की जांच के मामले में बुरहानपुर जिले ने इंदौर संभाग में पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि राज्य स्तर पर यह शीर्ष पांच जिलों में शामिल रहा। अभियान के दौरान जिन महिलाओं में खून की कमी, उच्च रक्तचाप, शुगर, ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसी समस्याएं पाई गईं, उन्हें चिह्नित कर उपचार और सर्जरी की प्रक्रिया जारी रहेगी। 16 दिन इन महिला, अफसर, कर्मचारियों ने दी सेवाएं


