जुरेल बोले- शतक सेना को समर्पित:वेस्टइंडीज के खिलाफ 125 रन बनाए; राहुल बोले- घर पर रन बनाने के लिए मेहनत की

अहमदाबाद टेस्ट के दूसरे दिन भारत ने वेस्टइंडीज पर पूरी तरह से दबदबा बना लिया है। केएल राहुल (100 रन), ध्रुव जुरेल (125 रन), और रवींद्र जडेजा (104 नाबाद) के शतकों की बदौलत भारत ने स्टंप्स तक 448/5 रन बनाकर 286 रनों की विशाल बढ़त हासिल कर ली है। मैच के बाद तीनों खिलाड़ियों और वेस्टइंडीज के कोचिंग स्टाफ ने अपनी-अपनी बात रखी। ध्रुव जुरेल का पहला टेस्ट शतक, भारतीय सेना को समर्पित किया
विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने अपना पहला टेस्ट शतक भारतीय सेना को समर्पित किया। उनके पिता कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिक रहे हैं। जुरेल ने बताया कि अर्धशतक के बाद का सैल्यूट उनके पिता के लिए था, लेकिन शतक के बाद का सैल्यूट पूरी भारतीय सेना के लिए था। उन्होंने कहा, जो हम मैदान पर करते हैं और जो इंडियन आर्मी युद्ध के मैदान पर करती हैं, उसकी तुलना नहीं की जा सकती। मैं हमेशा उनका सम्मान करूंगा। वह अपना यह प्रदर्शन उन सभी को समर्पित करना चाहते हैं जो देश की सेवा करते हैं। घर पर शतक लगाने के लिए कड़ी मेहनत की- राहुल
केएल राहुल ने अपने करियर का 11वां टेस्ट शतक लगाया। भारत में राहुल ने 2016 के बाद सेंचुरी लगाई। उन्होंने कहा कि घर पर कम शतक लगाने की कमी को दूर करने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की है। राहुल ने बताया कि पिछले एक साल में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की लय बनाए रखने पर बहुत काम किया है। जब पिच पर स्पिनर खेल रहे हों और फील्ड फैली हो, तो चौके-छक्के आसानी से नहीं मिलते, इसलिए सिंगल और डबल रन लेकर स्कोर बनाने की आदत डालनी पड़ी, जिसका वह अब आनंद लेते हैं। बेटी के लिए सेलिब्रेट किया
राहुल से जब उनके सीटी सेलिब्रेशन के बार में पूछा गया। तब वे बोले कि शतक के बाद सीटी बजाकर जश्न मनाना उनकी बेटी के लिए समर्पित था। राहुल की बेटी इवारा का जन्म इसी साल 24 मार्च को हुआ था। शमार और अल्जारी की कमी खल रही- रवि रामपॉल
वेस्टइंडीज के गेंदबाजी कोच रवि रामपॉल ने अपनी टीम के खराब प्रदर्शन पर निराशा जताई। रामपॉल ने माना कि तेज गेंदबाज शमार जोसेफ और अल्जारी जोसेफ की चोट के कारण टीम कमजोर हो गई, जिसका असर बॉलिंग डिपार्टमेंट में दिख रहा है। रवि ने आगे यह भी कहा कि अगर वे पहले दिन पहले घंटे में अच्छी बल्लेबाजी करते और विकेट नहीं गंवाते, तो स्थिति कुछ और हो सकती थी। रामपॉल को यह देखकर थोड़ी हैरानी भी हुई कि अहमदाबाद की पिच ने स्पिनरों को उतनी मदद नहीं दी जितनी उम्मीद थी।

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