आगरा की उंटगन नदी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान गुरुवार को 13 युवक डूब गए थे। जिनमें एक को बचा लिया गया था। पांच की लाशें अब तक निकाली जा चुकी हैं। जहां पर विसर्जन हुआ था। वहीं पर पांचों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। नदी में लापता 7 लोगों की तलाश अभी भी जारी है। हादसे के बाद से ही रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है, जो 30 घंटे से ज्यादा समय से लगातार जारी है। पैरा मिलिट्री फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया है और रात में भी सर्च ऑपरेशन जारी है। घटनास्थल पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी डटे हुए हैं। शुक्रवार को पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, भाजपा नेता राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया, भाजपा सांसद राजकुमार चाहर मौके पर पहुंचे, तो ग्रामीण भड़क गए। भीड़ ने सांसद राजकुमार चाहर को घेर लिया। सांसद मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। लोगों के गुस्से के आगे सांसद चाहर शांत खड़े रहे। लोगों ने उनसे देरी से आने का कारण पूछा, लेकिन उनके पास कोई जवाब नहीं था। हालांकि उनके कुछ समर्थक ग्रामीणों को समझाते हुए नजर आए। ग्रामीणों में गुस्सा इस कदर था कि खेरागढ़ कस्बे में लगे सांसद राजकुमार चाहर और भाजपा जिलाध्यक्ष के पोस्टर पर कालिक पोत दी गई। वहीं, जिस प्रतिमा का विसर्जन करने युवक नदी में उतरे थे, हादसे के बाद वह अभी भी नदी में खड़ी है। अभी तक उसे विसर्जित नहीं किया गया है। खेरागढ़ की घटना से जुड़ी 5 फोटो देखिए… महिलाएं नदी किनारे रुक गई थीं दरअसल, खेरागढ़ में हादसा गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे हुआ। डूंगरवाला उंटगन नदी में बड़ी संख्या में लोग दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन करने आए थे। महिलाएं नदी किनारे रुक गईं, लेकिन युवक प्रतिमा को लेकर नदी में चले गए। तभी अचानक नदी में 13 युवक डूबने लगे। युवकों को डूबने से बचाने के लिए चीख-पुकार मच गई। लेकिन जबतक कोई प्रयास होता नदी के तेज बहाव में अधिकतर बहते हुए काफी दूर चले गए। पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। थाना प्रभारी मदन सिंह भी वर्दी निकालकर बचाने के लिए कूद पड़े। टीम ने काफी मशक्कत से एक युवक भोला को बचाया। उसकी हालत गंभीर है। कई घंटों की मेहनत के बाद गोताखोरों ने 3 युवकों के शव को नदी से बाहर निकाला। शुक्रवार को दो और शवों को रेस्क्यू टीम ने बरामद किया। 7 युवक अभी भी लापता हैं। सभी युवक कुसियापुर गांव के रहने वाले है। मरने वालों में हरेश (20) और गगन (17) दोनों भाई है। शुक्रवार को कस्बे के सभी स्कूल बंद
हादसे के बाद डीएम ने खेरागढ़ ब्लॉक के सभी स्कूलों को शुक्रवार को बंद रखने का आदेश दिया। पुलिस आयुक्त व जिलाधिकारी ने मौके पर जाकर बोट के द्वारा टीम के साथ राहत व बचाव कार्य का निरीक्षण किया। NDRF की टीम भी सुबह मौके पर आ गयी थी, जिसके द्वारा SDRF की टीम, फ्लड कम्पनी पीएसी की टीमें और स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सेना की 50 पैरा ब्रिगेड की यूनिट 411 पैरा फील्ड कम्पनी को भी राहत और बचाव कार्य हेतु मौके पर बुलाया गया है, जिसके द्वारा अपनी स्टीमर बोट आदि से रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है। पुलिस आयुक्त, आगरा द्वारा मौके पर स्थानीय नागरिकों से लगातार बात की जा रही है। उन्हें सांत्वना भी दी जा रही है। नदी में रोते रहे परिजन, पुलिस ने बाहर निकाला
हादसे के बाद युवकों के परिजन प्रतिमा के सामने हाथ जोड़कर सलामती के लिए प्रार्थना करते रहे। पुलिस ने उन लोगों को नदी से बाहर निकाला। उधर, ग्रामीणों ने रेस्क्यू में देरी का आरोप लगाते हुए रोड जाम कर दिया। ग्रामीणों ने दो जगह पर जाम लगाया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी तरह समझा कर सबको शांत कराया। डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा ने बताया- पुलिस ने विसर्जन स्थल उंटगन नदी पुल के नीचे बनाया था। यह लोग सबसे पहले दुर्गा प्रतिमा लेकर वहां पहुंचे थे। लेकिन पुलिस ने बीच नदी में जाने को मना कर दिया। जिससे वह कैला देवी जाने को कहकर लौट गए और रास्ते में ही डूंगर वाला गांव स्थित नदी किनारे विसर्जन करने लगे। वहीं पर हादसा हुआ है। एडीशनल सीपी राम बदन सिंह ने कहा- खेरागढ़ के उंटगन नदी पुल के पास मूर्ति विसर्जन के लिए आर्टिफिशियल तालाब बनवाया गया था। जो लोग कुसियापुर गांव से आए थे उन्होंने यहां मूर्ति विसर्जन करने से मना कर दिया और बोले हम कैलापुर जाएंगे। पता नहीं फिर सभी रास्ते से लौट आए। यहां सभी 16 से 28 साल के लोग समझदार थे और क्यों अंदर चले गए और हादसा हो गया। एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू में लगी है। CM योगी ने घटना पर शोक व्यक्त किया —————– ये खबर भी पढ़ें… बागपत में पूर्व गृह सचिव के भतीजे की लाश मिली:मुंह से खून बह रहा था, शरीर पर कपड़े नहीं; हरिद्वार के लिए निकला था यूपी के पूर्व गृह सचिव के भतीजे की लाश बागपत के एक कॉलेज में पड़ी मिली। उसके मुंह से खून बह रहा था। शरीर के ऊपरी हिस्से के कपड़े गायब थे। दोनों हाथ पट्टियों से बंधे थे। सिर, चेहरे, छाती और कमर पर चोट के गहरे निशान थे। पढ़ें पूरी खबर…


