भास्कर न्यूज | सिकोसा ग्रामीण इलाकों में इन दिनों अवैध क्लीनिकों और बिना लाइसेंस के पैथोलॉजी लैब की संख्या बढ़ गई है। इन अवैध चिकित्सा केन्द्रों में बिना डिग्री के झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम लोगों का इलाज कर रहे हैं, जिससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इन अवैध क्लिनिकों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन अब तक विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही, जिससे स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता उजागर हो रही है। गुंडरदेही क्षेत्र के सिकोसा, खेरूद (खुटेरी), कांदुल सहित कई गांवों में बिना किसी डिग्री या मेडिकल रजिस्ट्रेशन के वर्षों से क्लीनिक चला रहे हैं। खेरूद गांव में एक निजी मकान में शाम 4 से 8 बजे तक अवैध क्लीनिक संचालित हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि उक्त डॉक्टर के पास कोई प्रमाणिक योग्यता नहीं है, फिर भी वह वर्षों से इलाज कर रहा है। ग्राम कांदूल में एक 40 वर्षीय युवक की मौत एक ऐसे ही अवैध डॉक्टर के इलाज के दौरान हो चुकी है। फिर भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी। सिकोसा में भी बंगाली दवाखाना के नाम पर चल रहा एक क्लीनिक बवासीर और भगंदर का गारंटी इलाज बताकर ग्रामीणों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है। इन अवैध क्लिनिकों में भारी मात्रा में दवाइयों का स्टॉक भी है। बिना ड्रग लाइसेंस के इन झोलाछाप डॉक्टरों को दवाइयों की आपूर्ति कौन कर रहा है। क्या मेडिकल स्टोर्स भी इस गोरखधंधे में शामिल हैं, अगर ऐसा है तो यह ड्रग विभाग की बड़ी चूक है। इस ओर गंभीरता के साथ कार्रवाई करने की जरूरत है। एक क्लीनिक पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी गुंडरदेही एडीएम प्रतिमा ठाकरे से बात करने पर कहा कि एक क्लीनिक पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है, और भविष्य में भी सभी अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएमएचओ एमएल उइके ने कहा कि कलेक्टर के माध्यम से सभी थानों व एसडीएम को कार्रवाई करने का निर्देश दिया जा चुका है।


