क्राइम रिपोर्टर | बीकानेर वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश रमेश कुमार ने एक मामले में 6.15 लाख रुपए का भुगतान नहीं करने पर बजाज अलायंज के रानीबाजार ऑफिस को सामान सहित कुर्क किया है। नोखा निवासी घनश्याम सोनी ने वर्ष, 16 में आवास फायनेंस लि. नोखा से 10 लाख रुपए का लोन लिया था। फायनेंस कंपनी ने घनश्याम के नाम से 10 लाख रुपए की एक बीमा पॉलिसी बजाज अलायंज लाइफ इंश्योरेंस जारी कराई। इस पॉलिसी के अनुसार लोन लेने वाले की मृत्यु होने पर बकाया राशि के भुगतान का जिम्मा इंश्योरेंस कंपनी का होगा। घनश्याम की लोन चुकता करने से पहले की मृत्यु हो गई। लेकिन, बीमा कंपनी उसके बाद भी घनश्याम के खाते से प्रीमियम राशि जमा करती रही। घनश्याम की पत्नी राजू देवी की ओर से क्लेम पेश किया गया तो बीमा कंपनी ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर उसे खारिज कर दिया। परिवादीया ने वर्ष, 18 में स्थाई लोक अदालत में बीमा कंपनी के खिलाफ वाद पेश किया। मामले की सुनवाई के बाद एक जुलाई, 19 को बीमा कंपनी बजाज अलायंज को आदेश दिए गए कि वह 4.30 लाख रुपए बीमा रकम दिसंबर, 18 से 9 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करे। इसमें मानसिक संताप के 20,000 रु. और परिवाद व्यय के 5000 रु. शामिल हैं। राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर राजू देवी के वकील विवेक शर्मा ने वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश के समक्ष वसूली प्रार्थना-पत्र पेश किया। कोर्ट ने सुनवाई की और बजाज अलायंज कंपनी के रानीबाजार स्थित ऑफिस को सामान सहित कुर्क करने के आदेश दिए। सेलअमीन सत्यनारायण शर्मा मौके पर पहुंचे। कंपनी के अधिकारियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो ऑफिस कुर्क कर दिया गया। परिवादीया की ओर से विवेक शर्मा और प्रियम खजांची ने पैरवी की।


