इस वर्ष दीपावली का पर्व कब मनाया जाएगा, इसे लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कारण यह है कि कार्तिक अमावस्या तिथि 20 और 21 अक्टूबर, दोनों दिनों पर पड़ रही है। पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि की शुरुआत 20 अक्टूबर, सोमवार को दोपहर 3:44 बजे होगी और यह 21 अक्टूबर, मंगलवार शाम 5:54 बजे तक रहेगी। शास्त्रों में लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल और निशिता काल में अमावस्या तिथि का होना आवश्यक माना गया है। 20 अक्टूबर को अमावस्या पूरी रात रहेगी और प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का समय) तथा निशिता काल (मध्यरात्रि) दोनों में अमावस्या का वास रहेगा। लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त अंतर्राष्ट्रीय वैदिक ज्योतिष हेमंत कासट ने बताया कि 20 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजन के लिए कई शुभ योग बन रहे हैं। 21 अक्टूबर को स्नान-दान की अमावस्या चूंकि अमावस्या तिथि 21 अक्टूबर की सुबह भी रहेगी, इसलिए इस दिन स्नान-दान, पितरों का तर्पण और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व रहेगा। इस प्रकार, ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार दीपावली का मुख्य उत्सव 20 अक्टूबर, सोमवार को मनाया जाएगा, जबकि 21 अक्टूबर को धार्मिक कार्य और स्नान-दान करना श्रेष्ठ माना गया है।


