झुंझुनूं में शराब की 59 दुकानें सील:फीस नहीं चुकाने पर आबकारी विभाग ने लाइसेंस निलंबित किए, 8 अक्टूबर तक अंतिम मौका

झुंझुनूं जिले में आबकारी विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए देशी शराब की 59 दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई उन दुकानों पर हुई, जिनके अनुज्ञाधारियों ने 30 सितंबर तक तय 50% वार्षिक लाइसेंस फीस जमा नहीं की थी। यदि 8 अक्टूबर तक भी बकाया जमा नहीं हुआ, तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा, जिसके बाद अब इन दुकानों पर शराब बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। आदेश जारी, निगरानी कड़ी जिला आबकारी अधिकारी रियाजुद्दीन उस्मानी ने निलंबन आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा – विभाग की प्राथमिकता राजस्व वसूली और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। इसलिए जो अनुज्ञाधारी समय पर फीस जमा नहीं करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रहराधिकारी और निरोधक दल को निर्देश दिए गए हैं कि निलंबन अवधि में अवैध बिक्री रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखें। नवलगढ़ में सबसे ज्यादा दुकानें बंद जारी सूची के अनुसार, नवलगढ़ वृत में सबसे ज्यादा 26 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, चिड़ावा में 17 और झुंझुनूं वृत में 16 दुकानों के लाइसेंस निलंबित हुए हैं। यह जिले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। निलंबन अवधि में बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन अवधि में संबंधित दुकानों पर शराब बिक्री नहीं की जा सकेगी। यदि कोई लाइसेंसधारी इस दौरान अवैध रूप से शराब बेचते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ जुर्माना, जब्ती और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अंतिम मोहलत 8 अक्टूबर तक विभाग ने अनुज्ञाधारियों को 3 से 7 अक्टूबर तक फीस जमा करने की अंतिम समय सीमा दी है। यदि 8 अक्टूबर तक भी बकाया जमा नहीं हुआ, तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा और संबंधित दुकानदार भविष्य में शराब व्यवसाय से वंचित हो जाएंगे। अवैध बिक्री पर सख्ती विभाग ने प्रहराधिकारी और निरोधक दल को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी नियमित रूप से निलंबित दुकानों की निगरानी करेंगे, ताकि कहीं भी अवैध शराब बिक्री न हो। अगर शिकायत या सबूत मिले, तो मौके पर जब्ती और गिरफ्तारी की जाएगी। राजस्व वसूली और नियम पालन पर जोर आबकारी अधिकारी उस्मानी ने बताया कि विभाग का मकसद न केवल राजस्व वसूली को सुनिश्चित करना है बल्कि अनुज्ञाधारियों में अनुशासन बनाए रखना भी है। उन्होंने कहा कि समय पर फीस जमा करना अनुज्ञाधारियों की जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *