कोटा में ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर खाली कुर्सियां देखकर भड़क गए। शिविर में 3 से 4 विभाग के अधिकारी और कुछ कर्मचारी ही थे। वो भी पंचायत ऑफिस के अंदर आराम फरमा रहे थे। मंत्री ने एसडीएम से भी फोन पर बात की और कटाक्ष करते हुए कहा- ‘एसडीएम साहब- शिविर का समय क्या है?’ हद तब हो गई, जब शिविर का बैनर भी मंत्री के सामने ही लगाया गया। 18 विभाग के अधिकारियों का मौजूद रहना जरूरी
दरअसल, ग्रामीण सेवा शिविर का बोराबास में आयोजन किया जा रहा है। शिविर में 18 विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए मौजूद रहना जरूरी हैं। इसके बावजूद मंत्री को मौके पर 3-4 विभाग के ही कर्मचारी मिले। कैंप अपने निर्धारित समय 9.30 बजे तक भी शुरू नहीं हुआ था। मंत्री के निरीक्षण की सूचना के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे। शिविर में खाली पड़ी कुर्सियों को देखकर भड़के मंत्री
शिक्षा मंत्री सुबह आज सुबह करीब 10 बजे शिविर में पहुंचे थे। मंत्री को टैंट और खाली पड़ी कुर्सियों नजर आई। वे थोड़ी देर तक खाली पड़ी कुर्सियों को देखते रहें। इसके बाद एक कुर्सी पर बैठ गए। मंत्री को देखकर आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने कुर्सियों के पीछे कैंप का बैनर लगाया। मंत्री के आने की सूचना पर पंचायत ऑफिस में आराम फरमा रहे नायब तहसीलदार लेखराज स्वामी (तहसील मंडाना) पहुंचे। मंत्री ने कहा- शिविर भवन के कमरे में आयोजित करने के निर्देश है क्या?
नायब तहसीलदार – ग्रामीणों के आने का इंतजार कर रहे थे। इसके बाद मंत्री ने नायब तहसीलदार से उपस्थिति रजिस्टर मांगा। उस पर नोट लगाया। मंत्री ने लिखा- शिविर में सुबह 10.27 बजे तक कुछ ही कर्मचारी ही उपस्थित थे। वो भी कमरे के अंदर बैठे थे। मंत्री ने रजिस्टर पर साइन कर समय भी डाला। एसडीएम को फोन पर लगाई लताड़
इसके बाद मंत्री ने दिलावर ने एसडीएम गजेंद्र सिंह से फोन पर बात की। मंत्री और एसडीएम की बातचीत- मंत्री- शिविर का समय क्या है?
एसडीएम- शिविर का समय 9.30 से 6 बजे तक का है।
मंत्री- अभी 10.15 बज रहे है। मैं ग्राम पंचायत बोराबास के शिविर स्थल पर पहुंचा हूं। यहां पर अभी क शिविर शुरू नहीं हुआ है। कोई जिम्मेदार अधिकारी भी मौके पर नहीं है। इसके बाद फोन काट दिया। मंत्री एक घंटे तक शिविर में रहें
इसके बाद सरपंच अर्जुन गुंजल, सहायक खंड विकास अधिकारी सत्येंद्र मीणा, ग्राम विकास अधिकारी सौरभ शर्मा भी शिविर में पहुंचे। शिविर 10.37 पर औपचारिक रूप से शुरू हुआ। शुरुआत में आयुर्वेद विभाग के अधिकारी ने विभाग से संबंधित जानकारी दी। इसके बाद लगभग एक घंटे तक शिविर में मंत्री उपस्थित रहे।


