झारखंड की राजधानी रांची एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन का हिस्सा बनने जा रही है। बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में 24 से 26 अक्टूबर 2025 तक साउथ एशियन सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन होगा। इसमें भारत समेत श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और मालदीव के एथलीट हिस्सा लेंगे। आयोजन की तारीख पहले अप्रैल-मई तय की गई थी, लेकिन अब इसे अक्टूबर में कराने का निर्णय लिया गया है। तीन दिन तक चलने वाले इस इवेंट में धावक और खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। पाकिस्तान की भागीदारी पर अभी स्थिति साफ नहीं है। विदेश मंत्रालय से मिली हरी झंडी एएफआई की फाइनेंस कमेटी के अध्यक्ष मधुकांत पाठक के मुताबिक पाकिस्तान को लेकर अंतिम निर्णय उसी देश की सहमति पर निर्भर करेगा। बाकी सभी देशों से सहमति मिल चुकी है। विदेश मंत्रालय ने भी पाकिस्तान टीम की संभावित भागीदारी पर हरी झंडी दे दी है। यह आयोजन वर्ल्ड एथलेटिक्स की “D” कैटेगरी मीट में शामिल है, जो खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग और योग्यता सुधारने का बड़ा मंच बनेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस प्रतियोगिता से न केवल झारखंड बल्कि पूरे भारत को लाभ होगा क्योंकि घरेलू मैदान पर ही एथलीट्स को अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल होगा। स्थानीय खिलाड़ियों और दर्शकों में उत्साह रांची पहले भी ईस्ट जोन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप और 64वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी कर चुका है। इन आयोजनों ने रांची को खेल के क्षेत्र में नई पहचान दी है। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता से यहां के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा। उन्हें विश्वस्तरीय खिलाड़ियों से सीखने का मौका मिलेगा। झारखंड में एथलेटिक्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। दर्शकों के लिए भी यह आयोजन किसी उत्सव से कम नहीं होगा, क्योंकि उन्हें अपने ही शहर में अंतरराष्ट्रीय मुकाबला देखने का अनोखा अवसर मिलेगा।


