जयपुर में रावण की तीये की बैठक रखी गई:नेपाल में होगा अस्थि विसर्जन, पगड़ी रस्म के साथ ब्रह्मभोज भी रखा गया

जयपुर में आज एक अनोखा नजारा दिखा। यहां प्रताप नगर सेक्टर-8 व्यापार मंडल की ओर से एमराल्ड गार्डन में रावण की तीये की बैठक रखी गई। दशहरा मेला समिति प्रताप नगर और सेक्टर-8 व्यापार मंडल के लोग इसमें शामिल हुए। इसके बाद अब अस्थियों विसर्जन और पगड़ी रस्म का भी आयोजन किया जाएगा। प्रताप नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र पटेल ने बताया- दशहरा मेला समिति प्रताप नगर और सेक्टर-8 व्यापार मंडल की ओर से हर साल दशहरा मेले का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन भारत ही नहीं बल्कि विश्व में भी अपनी अनूठी परंपरा के लिए जाना जाता है। इसकी खासियत यह है कि इसमें रावण दहन के बाद वह सभी क्रियाएं की जाती हैं, जो किसी आम व्यक्ति की मृत्यु के बाद की जाती हैं। दाह संस्कार से लेकर अस्थि विसर्जन, तीये की बैठक और ब्रह्मभोज तक की सभी परंपराएं समिति की ओर से हर साल निभाई जाती हैं। नेपाल में होगा अस्थि विसर्जन राजेंद्र पटेल ने बताया- तीये की बैठक के बाद यह दल पहले अयोध्या में रामलला के दर्शन कर देश की सुख-शांति की कामना करेगा। फिर नेपाल के काठमांडू पहुंचेगा। वहां पशुपतिनाथ मंदिर के पीछे बहने वाली बागमती नदी में रावण की अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा। इसके साथ ही रावण के मोक्ष की प्रार्थना की जाएगी। ताकि समाज में बुराइयों का नाश हो सके। उन्होंने कहा कि हमारी कामना है कि भारत से रावण जैसी कुरीतियां और अपराध खत्म हो। रेप और भ्रष्टाचार की घटनाएं कम हों तथा देश में सुख-शांति और समृद्धि आए। उन्होंने बताया- जैसे किसी व्यक्ति के दाह संस्कार के बाद अस्थि विसर्जन जरूरी होता है, वैसे ही रावण दहन की राख को भी पवित्र नदियों में विसर्जित करना चाहिए। आमतौर पर लोग दहन के बाद राख सड़क या कचरे में छोड़ देते हैं। लेकिन यहां इस परंपरा को हर साल निभाया जाता है। 7 लोगों का दल नेपाल के लिए रवाना राजेंद्र पटेल ने बताया- इस साल 2 अक्टूबर को विजयादशमी पर रावण दहन किया गया था। इसके बाद 4 अक्टूबर की सुबह 9 से 10 बजे के बीच रावण की तीये की बैठक हुई। इस मौके पर प्रतापनगर के जनप्रतिनिधि, व्यापार मंडल के सदस्य और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। बैठक के बाद व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेंद्र पटेल के नेतृत्व में एक दल राख लेकर अयोध्या दर्शन के लिए रवाना हुआ। दल में रामस्वरूप यादव, ओमप्रकाश शर्मा, राधा गोविंद अग्रवाल, लोकेश सैन, राजेश जैन, राजेंद्र सोनी, गणेश नारायण, राकेश और कैलाश शर्मा सहित कई लोग शामिल हैं। 13 अक्टूबर को पगड़ी दस्तूर और ब्रह्मभोज राजेंद्र पटेल ने बताया- अस्थि विसर्जन के बाद नेपाल से गंगाजल लाकर प्रतापनगर में 13 अक्टूबर को पगड़ी दस्तूर और ब्रह्मभोज का आयोजन होगा। इस अवसर पर प्रतापनगर-सांगानेर क्षेत्र के नागरिक एकत्र होंगे और कार्यक्रम में राजेश जैन को पगड़ी पहनाई जाएगी। ब्रह्मभोज में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। जयपुर की यह अनोखी रस्म दशहरा पर्व को केवल प्रतीकात्मक आयोजन नहीं रहने देती, बल्कि उसे पूर्ण हिंदू रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की तरह निभाया जाता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *