खंडवा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए हादसे में 11 लोगों की मौत हुई। इस मामले में ट्रैक्टर ड्राइवर दीपक किराड़े को शनिवार को जेल भेज दिया गया है। हादसे में हुई 25 साल से कम उम्र के मृतकों में सिर्फ एक विधवा महिला थी, बाकी स्कूल पढ़ने वाले बालक-बालिकाएं थी। तीन घायल बच्चों में से खंडवा जिला अस्पताल में इलाजरत दो बच्चें स्वस्थ हो गए हैं, जिन्हें शाम को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है। एम्बुलेंस की मदद से उन्हें उनके गांव पाडलफाटा छोड़ा गया हैं। इसके अलावा एक बालिका की हालत अब भी गंभीर बनी हुई हैं। जिसे इंदौर रेफर कर दिया गया था। सोनू नाम की इस बालिका का इलाज इंदौर में चल रहा है। सोनू ट्रैक्टर ड्राइवर दीपक की बहन लगती हैं। उधर, मृतकों के परिवार के लोग हादसे के तीसरे दिन भी सदमें से उबर नहीं पाए हैं। दो लोगों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पंधाना अस्पताल लाया गया था। हादसे को याद कर तो कोई अपनों को खोने का दर्द नहीं सहन कर पा रहा हैं। लगातार लोगों की तबीयत बिगड़ती जा रही हैं। शनिवार को सुबह से लेकर शाम तक चार बार पंधाना अस्पताल से एम्बुलेंस गांव जा चुकी हैं। गुरुवार को दुर्गा विसर्जन के दौरान अर्दला डैम के बैकवाटर से सटे जामली गांव में हादसा हुआ था। पानी में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से सवार 35 लोग डूब गए थे। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 3 लोग घायल हो गए। बाकी ने तैरकर जान बचाई तो कुछ लोगों को जामली के ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला। सभी लोग राजगढ़ ग्राम पंचायत के तहत आने वाले पाडलफाटा के रहने वाले थे। हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी गांव पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। यह खबर भी पढ़ें
11 मौतों वाले खंडवा हादसे का ड्राइवर हिरासत में
खंडवा में गुरुवार को दुर्गा विसर्जन के दौरान ट्रैक्टर-ट्राॅली पलटने से 11 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद फरार ड्राइवर दीपक किराड़े को पुलिस ने उसके मामा के गांव आरूद से हिरासत में ले लिया है। पूरी खबर पढ़ें


