दमोह के हटा में सेवानिवृत्ति समारोह में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी देश उस मुकाम पर नहीं पहुंच पाया है, जिसकी कल्पना स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी। मंत्री सिंह ने कहा कि यदि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल की सड़कों और योजनाओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 के बाद की उपलब्धियों को अलग कर दिया जाए, तो ऐसा लगेगा कि इन 75 साल में कुछ भी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने जीएसटी कम की है, फिर भी सरकार के पास धन की कमी नहीं है, जबकि पिछली सरकारें पैसे के लिए परेशान रहती थीं। मंत्री ने सरकारी बस सेवाओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि देश में सरकारी बस सेवाएं चालू हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में यह सेवा दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में समाप्त हो गई थी। नई पीढ़ी को शायद ही पता होगा कि सरकारी बस सेवा कैसी थी। अब सरकार इस परिवहन सेवा को एक साल के भीतर फिर से शुरू कर रही है। भविष्य में सभी स्कूलों का पाठ्यक्रम समान होगा मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री की इच्छाशक्ति से 2018 में नई शिक्षा नीति लाई गई। इसे पहले मध्य प्रदेश में लागू किया गया। भविष्य में सभी स्कूल एक जैसे होंगे। देशभर का पाठ्यक्रम भी समान होगा। मंत्री ने कहा कि वे शिक्षकों के सेवानिवृत्ति कार्यक्रमों में इसलिए शामिल होते हैं, ताकि उनका सम्मान बढ़े। उन्हें लगे कि सरकार सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके साथ है। जनवरी के बाद लगेंगी अतिरिक्त कक्षाएं दमोह के एमपी बोर्ड परीक्षा परिणामों में फिसड्डी रहने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विभाग लगातार काम कर रहा है। जनवरी के बाद सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं और कोचिंग शुरू की जाएंगी, ताकि छात्र बेहतर ढंग से परीक्षा की तैयारी कर सकें। हटा के सांदीपनी स्कूल में लैब सुविधा न होने पर आश्वासन दिया कि सभी सुविधाएं दी जाएंगी। अगले तीन महीने में प्रदेश के सभी सांदीपनी स्कूलों में फर्नीचर, डिजिटल बोर्ड, लैब और परिवहन सेवाएँ भी शुरू की जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने एमएलबी स्कूल में बाउंड्रीवाॅल के 25 लाख रुपए की घोषणा की। यह भी कहा कि सामने वाले हिस्से में दुकानों का निर्माण कराया जाए, जिससे लोगों को रोजगार मिलेगा। स्कूल आर्थिक रूप से समृद्ध भी होगा। उन्होंने देवरी फतेहपुर के हाई स्कूल उन्नयन होने के बाद वहां पांच अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए एक करोड़ 38 लाख रुपए देने की भी घोषणा की। इस मौके पर पशुपालन राज्य मंत्री लखन पटेल और हटा विधायक उमा देवी खटीक विशेष रूप से मौजूद थीं।


