​​​​​​​रबी सीजन के पहले उठेगा खाद-बीज की कमी का मुद्दा:समाधान ऑनलाइन में सीएम करेंगे रिव्यू, लाड़ली बहना योजना पर भी होगा डिस्कशन

धान और सोयाबीन के लिए यूरिया और डीएपी की सप्लाई को लेकर पिछले माह हुए किसानों के विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार अब रबी सीजन को लेकर सतर्क हो गई है। इसके लिए इसी माह होने वाले समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में खाद-बीज की उपलब्धता और शार्टेज को लेकर रिव्यू किया जाएगा। मुख्यमंत्री किसानों को समय पर खाद-बीज दिलाने के निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली बैठक में देंगे। इसके साथ ही, शहरों में खराब सड़कों का मामला भी उठेगा। प्रदेश में नागरिकों की समस्याओं का ऑनलाइन निराकरण करने के लिए संचालित समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में इस महीने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना समेत किसानों के लिए खाद और बीज के वितरण की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा नागरिकों की समस्याओं का मौके पर निराकरण कर समस्या समाधान में होने वाली देरी के लिए जिम्मेदारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। सरकारी पोर्टलों में हो रही असुविधा और शिकायतों पर भी समीक्षा की जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समाधान ऑनलाइन में दोषी अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सख्त हैं। इसी के चलते हर माह होने वाली समीक्षा के लिए राज्य शासन ने कलेक्टरों को आगामी समाधान ऑनलाइन के लिए एजेंडा जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि इस माह मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव की मौजूदगी में होने वाले समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में किसान क्रेडिट कार्ड, रासायनिक खाद और बीज का वितरण, नलजल योजनाओं से पानी की सप्लाई, नए राशन कार्ड जारी करना एवं कर्मकार कल्याण मंडल की संबल योजना में मजदूरों के पंजीयन की प्रक्रिया शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मेडिकल कालेज में प्रसूति सहायता योजना से राशि न मिलने, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति और छात्रवृत्ति के वितरण तथा सरकार विभिन्न पोर्टलों के उपयोग में हो रही असुविधा से संबंधित आवेदन पत्र इसमें शामिल किए जाएंगे। खराब सड़कों, साफ सफाई का मामला भी उठेगा समाधान ऑनलाइन में प्रदेश के शहरी क्षेत्र में सड़कों, गलियों, नालियों और सीवरेज की साफ-सफाई, मच्छरों के रोकथाम और सफाईकर्मियों से जुड़ी शिकायतें शामिल रहेंगी। इस एजेंडा के जारी होने के बाद कलेक्टरों ने जिले के अफसरों से समस्याओं के समाधान में तेजी लाने और सीएम हेल्पलाइन में पेंडिंग मामले के निराकरण की रिपोर्ट एक हफ्ते में मांगी है।

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