सरदार सरोवर प्रोजेक्ट में एमपी और गुजरात सरकार की लेनदारी-देनदारी को लेकर आज दोनों ही राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ जल संसाधन विभाग के अफसरों ने बैठक की। इसमें सरदार सरोवर प्रोजेक्ट में गुजरात के गरुड़ेश्वर वियर के माध्यम से पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट लगाने और वन भूमि के आर्बिटेशन से जुड़े मामलों पर डिस्कशन के बाद जल्द निर्णय लेने पर सहमति बनी है। मंत्रालय में मुख्य सचिव अनुराग जैन और गुजरात के सीएस पंकज जोशी की मौजूदगी में सरदार सरोवर प्रोजेक्ट के लैंड रिक्विजिशन और आर्बिटेशन के साथ अकाउंट सेटलमेंट को लेकर बैठक हुई। इसमें यह तय हुआ है कि दोनों राज्यों के अधिकारी आपस में अलग से बैठक कर दोनों ही राज्यों की एक-दूसरे पर निकलने वाली देनदारी निकालेंगे और इसके बाद भुगतान किया जाएगा। साथ ही सरदार सरोवर के डूब क्षेत्र में आने वाली शासकीय राजस्व, आबादी एवं वन भूमि की प्रतिपूर्ति राशि को लेकर सिद्धांत तय किए गए। इसके अलावा अटार्नी जनरल के समक्ष इस प्रोजेक्ट को लेकर रखे जाने वाले पक्ष को लेकर भी दोनों राज्यों के अफसरों के साथ बैठक हुई। मध्यप्रदेश और गुजरात के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक में सरदार सरोवर प्रोजेक्ट संबंधी अन्य विषयों पर चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य सरदार सरोवर प्रोजेक्ट से संबंधित मुद्दों का आपसी समन्वय से निराकरण करना था। ये अधिकारी रहे मौजूद बैठक की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन और गुजरात के मुख्य सचिव पंकज जोशी ने संयुक्त रूप से की। बैठक में नर्मदा घाटी विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, सचिव जॉन किंग्सली, सीएमडी एसएसएनएनएल मुकेश पुरी और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट को लेकर बनी सहमति बैठक में दोनों राज्यों के बीच सरदार सरोवर प्रोजेक्ट में गुजरात के गरुड़ेश्वर वियर के माध्यम से पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट को लेकर सहमति बनी। मध्यप्रदेश सरकार इसमें सशर्त सम्मिलित होगी, इससे मध्यप्रदेश सरकार को उत्पन्न बिजली में 57% की भागीदारी मिलेगी।


