टीकमगढ़ में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पथ संचलन निकाला। यह संचलन राजेंद्र पार्क से शुरू होकर नगर भ्रमण के बाद वहीं समाप्त हुआ। संघ के जिला प्रचार प्रमुख रतन सिंह ठाकुर ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ये आयोजन हो रहे हैं। 5 से 15 अक्टूबर तक टीकमगढ़ नगर की 12 बस्तियों और 66 मंडलों में शस्त्र पूजन और बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राष्ट्र की रक्षा के लिए संगठित शक्ति आवश्यक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को विजयादशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में की थी। यह वर्ष संघ का शताब्दी वर्ष है। विजयादशमी को अधर्म पर धर्म की विजय और भारतीय सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक माना जाता है। डॉ. हेडगेवार का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित कर राष्ट्र को सशक्त बनाना था। उनका मानना था कि राष्ट्र की रक्षा के लिए संगठित शक्ति आवश्यक है, और यह विचार आज भी प्रासंगिक है। रतन सिंह ठाकुर ने यह भी बताया कि विजयादशमी पर संघ मुख्यालय नागपुर में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का उद्बोधन हुआ। यह उद्बोधन स्वयंसेवकों के लिए वर्ष भर की दिशा-निर्देशिका का काम करता है। इसी कड़ी में टीकमगढ़ नगर की 12 बस्तियों और ग्रामीण क्षेत्रों के 66 मंडलों में 5 से 15 अक्टूबर तक शस्त्र पूजन और बौद्धिक कार्यक्रम जारी रहेंगे।


