छिंदवाड़ा में बच्चों की लगातार हो रही मौतों के मामले में अब बड़ी कार्रवाई हुई है। स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर छिंदवाड़ा पुलिस ने डॉक्टर प्रवीण सोनी और तमिलनाडु की दवा कंपनी श्रेशन फार्मेसीटिकल के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह वही कंपनी है, जिसकी दवा उपचार के दौरान बच्चों को दी गई थी और उसके सेवन के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। शनिवार देर रात बीएमओ डॉ. अंकित सल्लाम ने इस मामले में कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि में डॉक्टर प्रवीण सोनी को राजपाल चौक से हिरासत में लिया। वहीं रविवार को डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मध्यप्रदेश आयुक्त तरूण राठी की ओर से पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी। डॉक्टर पर उन बच्चों का इलाज करने का आरोप है, जिनकी मौत हुई थी। पुलिस अधीक्षक बोले- SIT करेगी जांच, तमिलनाडु जाएगी टीम
छिंदवाड़ा पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है। SIT जल्द ही तमिलनाडु जाकर श्रेशन फार्मेसीटिकल कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करेगी। फिलहाल मामला जांच में है, और जांच के आधार पर आगे कुछ और धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 276 (औषधियों में मिलावट), धारा 105(3) (हत्या की श्रेणी में न आने वाला आपराधिक मानव वध) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 की धारा 27(ए) (iii) एवं 26 के तहत दर्ज की गई है। इन धाराओं के तहत 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।


