एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी खन्ना में रविवार को हुई बारिश ने प्रशासनिक तैयारियों की कमी को उजागर कर दिया। मौसम विभाग के पूर्व अलर्ट के बावजूद, मंडी में बारिश से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। जिसकी वजह से खुले में रखा हजारों क्विंटल अनाज भीग गया, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। किसानों ने मंडी में सुविधाओं की कमी पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि कई हिस्सों में शेड नहीं हैं, और जो मौजूद हैं वे भी अपर्याप्त हैं। तेज हवा के कारण तिरपाल उड़ गए, जिससे फसलें नहीं ढंकी जा सकीं। किसानों ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी कई बार यह समस्या उठाई गई है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आढ़तियों ने प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार आढ़तियों ने भी प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मंडी में पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। सफाई के अभाव में जगह-जगह पानी जमा हो गया, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा। आढ़तियों का कहना था कि वे अपनी ओर से इंतजाम करते हैं, लेकिन मंडी में निकासी व्यवस्था ठप होने से समस्या बढ़ जाती है। किसानों से सूखी फसल ही मंडी लाने की अपील की पन ग्रेन इंस्पेक्टर विकास कपिला ने बताया कि वे सुबह से ही मंडी में स्थिति का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने उन फसलों को ढकने का प्रयास किया है जो खुली थीं। कपिला ने स्पष्ट किया कि तिरपाल और क्रेट की व्यवस्था करना आढ़तियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों से सूखी फसल ही मंडी लाने की अपील की, ताकि नुकसान से बचा जा सके। किसानों ने मांग की है कि मंडी बोर्ड और प्रशासन समय रहते आवश्यक इंतजाम करे, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके और उनकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे।


