श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। जिसमें दो आरोपियों ने एसबीआई बैंक के कियोस्क बैंक संचालक को झांसा देकर हजारों रुपए हड़प लिए। कियोस्क संचालक का अकाउंट होल्ड हुआ तो उसे साइबर ठगी का पता चला। एसीजेएम कोर्ट, अनूपगढ़ में दी शिकायत में बलविंद्र सिंह (30) निवासी (अनूपगढ़) ने बताया कि वह अनूपगढ़ में एसबीआई बैंक के तहत कियोस्क बैंक में सर्विस मित्र के रूप में कार्यरत हैं। वे बैंकिंग लेनदेन से संबंधित सेवाएं प्रदान करते हैं। आरोपी मुकेश कुमार और सुनील गोदारा कई दिनों तक उनके कियोस्क सेंटर पर पेमेंट लेने के लिए आते रहे। 30 जून 2025 को दोनों आरोपी उनके बैंक बीसी पहुंचे और बायोमेट्रिक के जरिए पेमेंट निकालने की कोशिश की। जब बायोमेट्रिक प्रक्रिया कंप्लीट नहीं हुई तो आरोपियों मजबूरी का हवाला देते हुए कैश देने को कहा। आरोपियों ने बदले में गूगल-पे के जरिए पेमेंट करने का आश्वासन दिया। बलविंद्र ने पहले मना किया, लेकिन आरोपियों की बार-बार मिन्नतों और झूठे विश्वास में लेने के बाद 50 हजार कैश दे दिए। आरोपियों ने तीन ट्रांजेक्शन 15 हजार, 30 हजार और 5 हजार रुपए की कियोस्क के अकाउंट में करवा दी। जिसके बाद आरोपी चले गए। बैंक अकाउंट होल्ड हुआ तो पता चला 2 जुलाई 2025 को बलविंद्र का बैंक अकाउंट अचानक होल्ड हो गया। बैंक में पूछताछ करने पर पता चला कि उनके अकाउंट में साइबर फ्रॉड के पैसे जमा हुए हैं। जिसके चलते महाराष्ट्र साइबर क्राइम विभाग ने अकाउंट होल्ड करवा दिया। इसके बाद बलविंद्र ने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। आरोपियों ने बलविंद्र को धमकी दी और नंबर ब्लॉक कर दिया। बलविंद्र ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अनूपगढ़ पुलिस थाने में भी गुहार लगाई, लेकिन वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद बलविंद्र ने 4 अक्टूबर 2025 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अनूपगढ़ की अदालत में शिकायत दी दायर किया। फिलहाल कोर्ट के आदेश पर अनूपगढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


