फाजिल्का के सरहदी इलाके में बाढ़ ने काफी तबाही मचाई है। हालात यह है कि अब सतलुज से पानी तो चला गया। लेकिन अभी भी सरहदी इलाके के कई जमीनों में बाढ़ का पानी जमा है । किसानों का कहना है कि इस वजह से न सिर्फ धान की फसलें बर्बाद हुई। बल्कि गेहूं की बिजाई भी नहीं हो पाएगी। उन्हें आर्थिक स्तर पर काफी नुकसान हुआ है। गांव रेते वाली भैणी, झांगड़ भैणी के रहने वाले किसान सतनाम सिंह, मलकीत सिंह, सुखदेव सिंह, मक्खन सिंह और मंगा सिंह ने बताया कि बाढ़ का पानी जाने के बाद भी हालातों में सुधार नहीं हुआ है। हालात ये हैं कि कई जमीनों में अभी भी बाढ़ का पानी जमा है। जिसकी निकासी नहीं हो पा रही है। खेतों में जमा हो चुकी रेप उन्होंने कहा कि कई जगह पर कई फुट रेत खेतों में जमा हो चुकी है। जबकि कई जमीनों में मिट्टी की परत है, जिसपर ट्रैक्टर भी नहीं चल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इलाके के गांवों की सड़कें टूट चुकी हैं। सड़कों से पत्थर बाहर आ गए हैं। अभी भी कई गांवों का संपर्क प्रभावित है। जिसका समाधान नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को इस इलाके में बाढ़ की समस्या का पक्का समाधान करना होगा। सतलुज नदी के दूसरी और भी बांध बनाना होगा और सतलुज की खुदाई करनी होगी। ताकि आने वाले समय में ऐसी समस्याओं से उन्हें न जूझना न पड़े। लेकिन अब जमीनों में पड़े बड़े-बड़े गड्ढे और जमा बाढ़ का पानी उनके लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। जिसके लिए उन्होंने प्रशासन और सरकार से मदद की गुहार लगाई है ।


