श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल में आसोज शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजन सम्पन्न हुआ। प्रातःकालीन मंगला आरती के साथ ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और मंदिर प्रांगण भक्ति भाव से सराबोर हो उठा। भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति भाव से श्री राणीसा भटियाणी, श्री बायोसा, श्री सवाईसिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी एवं श्री काला-गौरा भैरूजी के दर्शन कर अपने जीवन में सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। नवविवाहित जोड़ों ने भी परंपरा अनुसार छेड़ाबंदी बांधकर दर्शन लाभ लिया और अपने दांपत्य जीवन की उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भोजन प्रसादी (अन्नपूर्णा प्रसादम) का लाभ आकाश बोथरा, सुपुत्र स्वर्गीय मांगीलाल बोथरा (निवासी – सुजानगढ़, राजस्थान; हाल – गुलाबबाग, जिला पूर्णिया, बिहार) द्वारा लिया गया। उन्होंने मंदिर परिसर के समस्त मंदिरों में भोग अर्पित कर श्रद्धालुओं में प्रसादी वितरण किया तथा धर्मभाव और सद्भाव का संदेश दिया। इसी प्रकार, छप्पन भोग प्रसादी का लाभ राजपालसिंह चारण, सुपुत्र सुरेन्द्रसिंह चारण (निवासी – नोहर की ढाणी, तहसील नोहर, जिला हनुमानगढ़) द्वारा लिया गया। उन्होंने 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग समस्त मंदिरों में अर्पित किया। दोनों लाभार्थी परिवारों ने जसोल नगर पालिका सर्व समाज की 101 कन्याओं का पूजन कर उन्हें फल, अन्न प्रसाद एवं दक्षिणा अर्पित की। त्रयोदशी की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर में रात्रि जागरण का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय भजन गायकों ने भक्ति रस से ओत-प्रोत प्रस्तुति देकर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। त्रयोदशी की संध्या संध्याकालीन आरती का लाइव प्रसारण भी किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश से असंख्य भक्त घर बैठे माँ जसोल के दर्शन लाभ लेंगे और अप जीवन मेंने खुशहाली को लेकर मंगल कामना करेंगे। इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। त्रयोदशी का यह पावन पर्व धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, साथ ही समाज में सद्भाव, सेवा और एकता का संदेश भी प्रदान करता रहा।


