छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत का कारण बने कोल्ड्रिफ कफ सिरप का मामला अब जबलपुर तक पहुंच गया है । जिला प्रशासन ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नोदरा ब्रिज स्थित कटारिया फार्मास्यूटिकल को सील कर दिया। चेन्नई की प्रसिद्ध श्री सन फार्मा कंपनी की जबलपुर में बीते 20 वर्षों से डीलरशिप कटारिया फार्मास्यूटिकल के पास थी। जबलपुर कलेक्टर के निर्देश पर ड्रग इंस्पेक्टर प्रवीण पटेल और नायब तहसीलदार आदर्श जैन टीम के साथ रविवार दोपहर मौके पर पहुंचे। जांच में कंपनी के दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर और वितरण रिकॉर्ड खंगाले गए। जांच के दौरान गोदाम में 66 बोतलें कोल्ड्रिफ सिरप की मिलीं, जिनमें से 16 बोतलें लैब टेस्टिंग के लिए भोपाल भेजी गई हैं। मौके पर स्वयं प्रोप्राइटर राजपाल कटारिया मौजूद रहे। भोपाल से आई लैब में हुआ कंफर्म
ड्रग इंस्पेक्टर प्रवीण पटेल ने बताया कि छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत जिन सिरप से हुई, वे कटारिया फार्मास्यूटिकल जबलपुर से ही सप्लाई हुई थीं। कुल 660 बोतलें सिरप की सप्लाई की गई, जिनमें से 594 बोतलें छिंदवाड़ा भेजी जा चुकी थीं। भोपाल की लैब से आई रिपोर्ट में यह कन्फर्म हुआ कि दवा अमानक थी और इसी के सेवन से बच्चों की मौत हुई। रिपोर्ट मिलते ही जबलपुर प्रशासन ने गोदाम सील कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान दवा स्टाक से लेकर वितरण नेटवर्क तक की पूरी चेन की पड़ताल की जा रही है। कटारिया फार्मास्यूटिकल की जबलपुर और अन्य जिलों में हुई सप्लाई की भी जानकारी मांगी गई है। जांच पूरी होने तक दफ्तर सील रहेगा। इस कार्रवाई के बाद जबलपुर के दवा व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। कई अन्य फार्मा डीलरशिप पर भी अब प्रशासन की निगाहें हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि गुणवत्ता में जरा-सी चूक पर भी लाइसेंस रद्द किया जाएगा और एफआईआर दर्ज होगी।


