झालावाड़ में शनिवार और रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने धान और सोयाबीन की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। पनवाड़ क्षेत्र सहित ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भर गया, जिससे खड़ी फसलें गिर गई हैं और उनके सड़ने का खतरा बढ़ गया है। बारिश के चलते खेतों में जलभराव हो गया है। धान की फसलें, जो कटाई के करीब थीं, पानी में डूबने से नीचे गिर गई हैं। लगातार पानी भरे रहने के कारण फसलों के सड़ने की आशंका जताई जा रही है। सोयाबीन की फसल को भी भारी क्षति पहुंची है, जिससे पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना है। फसल खराबे की संभावना बढ़ी, किसान चिंतित किसान संघ के तहसील अध्यक्ष शंकरलाल सुमन, बजरंगलाल सुमन और कन्हैयालाल बासुंडिया ने बताया कि खेतों में पानी भर जाने से धान की फसल खराब होने की संभावना बढ़ गई है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से सोयाबीन की पैदावार भी प्रभावित हो सकती है। शनिवार शाम करीब 6 बजे आधे घंटे तक तेज बारिश हुई, जबकि रविवार दोपहर 12 बजे के बाद आसमान में काले बादल छा गए। तेज हवाओं के साथ लगभग एक घंटे तक लगातार बारिश हुई। शहर में भी दोपहर करीब 3 बजे हल्की और तेज बारिश हुई, जिससे सड़कों और आम रास्तों पर भी जलभराव हो गया और ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का सर्वे कराया जाए और उचित राहत प्रदान की जाए।


