मंडला में मंत्री संपतिया उइके ने आदिवासियों को सनातनी बताया:उमंग सिंघार के बयान पर पलटवार; दिए ऐतिहासिक तथ्य

मध्य प्रदेश की PHE मंत्री संपतिया उइके ने मंडला में रानी दुर्गावती जयंती कार्यक्रम के दौरान बिना नाम लिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बयान पर पलटवार किया। सिंघार ने कहा था कि आदिवासी हिंदू नहीं हैं। मंत्री उइके ने अपने संबोधन में ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए आदिवासियों को सनातनी परंपराओं से जुड़ा बताया। मंत्री उइके ने अपने तर्क के समर्थन में कई ऐतिहासिक उदाहरण दिए। उन्होंने बताया कि वीरांगना रानी दुर्गावती अपनी कुलदेवी राजराजेश्वरी देवी की पूजा कर आशीर्वाद लेने के बाद अकबर और आसफ खान जैसे शत्रुओं से युद्ध करती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि शंकर शाह और रघुनाथ शाह भी भगवान विष्णु, भगवान गणेश और बड़ादेव भोलेनाथ की पूजा के बाद अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध छेड़ते थे। उइके ने मंडला को शंकर शाह और रघुनाथ शाह की जन्मभूमि बताया। उन्होंने कहा कि यहीं पर रानी दुर्गावती की कुलदेवी राजराजेश्वरी देवी की पूजा होती है। रामनगर का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि गोंडवंश के सभी राजा भगवान गणेश और भगवान विष्णु की पूजा को प्राथमिकता देते थे, जिसका इतिहास आज भी किला परिसर में मौजूद है। मंत्री उइके ने जोर देकर कहा कि आदिवासियों की पूजा पद्धति सनातनी धर्म से गहरे जुड़ी है। इसमें बड़ादेव, दुर्गा जी, राजराजेश्वरी देवी, भगवान विष्णु और भगवान गणेश की पूजा शामिल है। उन्होंने कहा, ‘हमारे पूर्वज इन देवी-देवताओं को मानते थे और उनके वंशज होने के नाते हम भी इन्हें मानते हैं।’ संपतिया उइके मंडला में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित रानी दुर्गावती जयंती कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। इस अवसर पर उन्होंने करीब छह राज्यों से आए आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों के सामने ये बातें कहीं।

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