मोर पंचायत में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, पाइप लाइन तोड़ी:ग्रामीणों को पानी की किल्लत, परेशान होकर थाने में की शिकायत

झाबुआ जिले की मोर ग्राम पंचायत के टीटोडीपाड़ा के ग्रामीण रविवार को अतिक्रमण और पेयजल संकट की शिकायत लेकर पेटलावद थाने पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट व धमकाने पर उतारू हैं, जिसके चलते पूरे गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। शासकीय संपत्ति को नुकसान पूरा मामला सरकारी जमीन से जुड़ा है, जहां एक जलाशय और पंचायत का शासकीय कुआं स्थित है। इसी कुएं से पूरे गांव को पेयजल वितरित किया जाता है। ग्रामीणों ने पुलिस थाने में दिए आवेदन में बताया कि कालू मांगू (जाति खड़िया) और उसके दो पुत्र काफी समय से उन्हें परेशान कर रहे हैं। शासकीय संपत्ति का नुकसान कर रहे हैं। सरपंच मुकेश कटारा ने बताया कि आरोपी ने विद्युत पंप, स्टार्टर और पानी की पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त कर पेयजल आपूर्ति बाधित कर दी है। इसके अलावा कुएं के पास लगाए गए पौधों पर भी दवा छिड़क कर उन्हें नष्ट कर दिया गया है। सरपंच ने यह भी बताया कि समझाने पर जनप्रतिनिधियों के साथ भी मारपीट की गई। ग्रामीणों को मिल रही धमकी ग्रामीणों ने बताया कि यह भूमि शासकीय है और चरनोई की भूमि है। महिला भूरी बाई ने बताया कि “पीने का पानी नहीं मिल रहा है। विपक्षी पाइप लाइन तोड़ देते हैं और फेंसिंग को भी तोड़ दिया है।” एक अन्य महिला रामूड़ी बाई ने आरोप लगाया कि “विपक्षी हमारे कुएं में दवा डालने की बात करते हैं।” ग्रामीण रमेश गरवाल ने बताया कि मनरेगा के तहत बने इस कुएं के आसपास जब वे तार फेंसिंग कर रहे थे तो तीन-चार लोग आए, फेंसिंग तोड़ दी और एंगल भी ले गए। उन्होंने कहा कि “कुछ बोलो तो पत्थर लेकर मारने दौड़ते हैं।” ग्रामीणों ने शिकायत की कि वे काफी समय से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे अतिक्रमण कारी पूरे गांव पर भारी पड़ रहे हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *