परिवार की प्रेरणा से सीमित संसाधनो के बावजूद विनोद ने पूरा किया सपना फॉरेस्ट रेंजर के पद पर हुआ चयन

परिवार की प्रेरणा से सीमित संसाधनो के बावजूद विनोद ने पूरा किया सपना
फॉरेस्ट रेंजर के पद पर हुआ चयन
अनूपपुर।
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग 2023 द्वारा आयोजित परीक्षा में कोतमा क्षेत्र के होनहार छात्र विनोद कुमार महरा ने सफलता का परचम लहराते हुए फॉरेस्ट रेंजर (वन क्षेत्रपाल) के प्रतिष्ठित पद पर चयन हासिल किया है। उनकी इस सफलता ने न केवल उनके परिवार को गर्वित किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं को प्रेरणा प्रदान की है।
मेहनत और लगन से पाया मुकाम
विनोद की शिक्षा का सफर उनके गांव के गवर्नमेंट मिडिल स्कूल पायरी क्रमांक 1 से शुरू हुआ। सीमित संसाधनों और साधारण परिवेश में पढ़ाई करते हुए उन्होंने हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अपनी मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोतमा से 9वीं और 10वीं की पढ़ाई पूरी की। उनकी प्रतिभा ने उन्हें जवाहर नवोदय विद्यालय, उमरिया में दाखिला दिलाया, जहां उन्होंने 11वीं और 12वीं की पढ़ाई मैथ ग्रुप से पूरी की। इसके बाद विनोद ने पंडित शंभुनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय, शहडोल से बैचलर ऑफ साइंस (मैथ) की डिग्री हासिल की। यहीं से उन्होंने अपने जीवन के लक्ष्य को आकार देना शुरू किया और वन विभाग में एक अधिकारी बनने का सपना देखा।
परिवार का मिला साथ
विनोद की सफलता में उनके परिवार का अहम योगदान रहा है। उनके दादा-दादी, मल्लू महरा और श्रीमती रामबत्ती महरा, ने उन्हें बचपन से ही मेहनत, ईमानदारी और सकारात्मक सोच का महत्व सिखाया। दादा जी ने हमेशा कहा, कोई भी मंजिल मेहनत और समर्पण से दूर नहीं है। उनकी दादी ने भी अपने स्नेह और आशीर्वाद से उनके आत्मविश्वास को बनाए रखा। उनके माता-पिता, श्रीमती सीता महरा और शोभनाथ महरा (राजू महरा), ने हर कदम पर उनका साथ दिया। उनके माता-पिता ने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त बनाया। विनोद के छोटे भाई और अन्य परिजनों ने भी उन्हें प्रोत्साहित किया।
लक्ष्य के प्रति समर्पित
विनोद के मामा, नरेंद्र दास महरा, जो सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, उनकी सफलता के पीछे एक मजबूत प्रेरणास्त्रोत रहे। नरेंद्र दास महरा ने न केवल उन्हें प्रेरित किया, बल्कि उनकी तैयारी के दौरान अनुशासन और मेहनत का महत्व भी समझाया विनोद कहते हैं, ष्मेरे मामा जी ने हमेशा मुझे सिखाया कि अनुशासन और कड़ी मेहनत से कोई भी चुनौती पार की जा सकती है। उन्होंने मुझे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और हर परिस्थिति में सकारात्मक रहने की प्रेरणा दी। उनकी सख्ती और मार्गदर्शन मेरी सफलता की नींव बने। विनोद की इस उपलब्धि से पूरा क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश में भी मेहनत, समर्पण, और परिवार के सहयोग से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है विनोद की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि शिक्षा और परिवार का योगदान किसी भी युवा के सपनों को साकार करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी कहानी अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने जीवन में नई ऊंचाइयों को छूने का सपना देख रहे हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *