हिमाचल में कार्यवाहक चीफ सेक्रेटरी-DGP पर छिड़ी बहस:रिटायर IAS ने हैरान करने वाला फैसला बताया; BJP बोली-अधिकारियों से गलत काम करवाने को एडिशनल चार्ज

हिमाचल प्रदेश में कार्यवाहक चीफ सेक्रेटरी (CS) और पुलिस महानिदेशक (DGP) लेकर को नई बहस छिड़ गई है। रिटायर ब्यूरोक्रेट इस फैसले को हैरान करने वाला बता रहे हैं। वहीं, BJP ने भी व्यवस्था परिवर्तन वाली कांग्रेस सरकार के इस फैसले को अधिकारियों पर गलत काम के लिए दबाव डालने वाला बताया। सीएम सुक्खू ने पुलिस महानिदेशक (DGP) के बाद चीफ सेक्रेटरी (CS) भी कार्यवाहक लगाया है। प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब ब्यूरोक्रेसी और पुलिस के मुखिया की रेगुलर नियुक्ति नहीं की गई। CS का अतिरिक्त कार्यभार पूर्व में चीफ सेक्रेटरी रैंक अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) टाउन एंड कंट्री प्लानिंग संजय गुप्ता को दिया है, जबकि DGP 5 महीने से ही एक्टिंग है। इससे पहले, कभी भी किसी मुख्य सचिव और DGP के रिटायर होने पर नए एडिशनल चार्ज नहीं दिया गया। इस वजह से सरकार का यह फैसला चर्चा में का कारण बन गया है। BJP ने भी सरकार पर निशाना साधा CS-DGP के एडिशनल चार्ज पर भारतीय जनता पार्टी ने भी सरकार पर निशाना साधा। पूर्व MLA, BJP के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने कहा- पहले, DGP के रिटायर होने पर और अब मुख्य सचिव की सेवानिवृत पर एडिशनल चार्ज दिया गया। सरकार, एडिशनल चार्ज देकर अधिकारियों पर मनमाने ढंग से काम करवाने का दबाव बना रही है। जब तक अधिकारी सरकार के हिसाब से चलते रहेंगे, तब तक उनका पद सेफ रहेगा और यदि कोई गलत आदेश मानने से इनकार कर देता हैं तो उससे एडिशनल चार्ज भी छीन लिया जाएगा। इसी मंशा से एडिशनल चार्ज दिया गया है। पहले मित्रों की सरकार मित्र भर्ती निकाल रही थी और अब एडिशनल चार्ज भी उसी व्यवस्था का हिस्सा बन गए हैं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा- चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी के अलावा फॉरेस्ट डिपार्टमेंट हेड, ्एसपी कांगड़ा और पालमपुर यूनिवर्सिटी में वीसी भी अस्थाई है। उन्होंने कहा- सीएम सुक्खू सरकारी अधिकारियों की कठपुतली बन गए हैं। पुराने अधिकारियों से वह अपना पिंड नहीं छुड़वा पा रहे हैं। जिन अधिकारियों को इन्होंने खुली छूट और हर गलत सही काम पर संरक्षण दिया था आज वही उनके गले की फांस बन गए हैं। सक्सेना की रिटायरमेंट के बाद गुप्ता को अतिरिक्त कार्यभार हिमाचल में बीते 30 सितंबर को पूर्व सीएस एवं 1990 बैच के प्रबोध सक्सेना इस पद से रिटायर हुए। 2 साल पहले कांग्रेस सरकार जब सत्ता में आई थी तो उस दौरान सीएम सुक्खू ने तीन सीनियर ब्यूरोक्रेट राम सुभग सिंह, निशा सिंह और संजय गुप्ता की सीनियॉरिटी नजरअंदाज करते हुए प्रबोध सक्सेना को CS बनाया। सक्सेना इस साल 31 मार्च को रिटायर हुए। मगर राज्य सरकार की सिफारिश पर केंद्र ने भी उन्हें छह माह का सेवा विस्तार दे डाला, जोकि बीते 30 सितंबर को पूरा हो गया। अब नया CS लगाने के बजाय ACS संजय गुप्ता को एडिशनल चार्ज दिया गया। 5 महीने से रेगुलर DGP नहीं इसी तरह, सरकार ने एक जून को डीजी एवं 1993 बैच के IPS अशोक तिवारी ने हिमाचल के DGP का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा। इस बीच केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए हिमाचल के सबसे सीनियर एवं 1990 बैच के IPS श्याम भगत नेगी ने दिल्ली में सीएम सुखविंदर सुक्खू से मुलाकात की। इस मुलाकात के कुछ दिन बाद वह हिमाचल लौट आए। इसके बाद, श्याम भगत नेगी के DGP बनने की चर्चाएं खूब गरम रही। 1990 बैच के IPS नेगी को पोस्टिंग के ऑर्डर का इंतजार 28 जुलाई को श्याम भगत नेगी ने हिमाचल के गृह विभाग में ज्वाइनिंग दी और एक बार सीएम सुक्खू से भी मिले। उन्हें हिमाचल लौटे हुए दो महीने से अधिक वक्त बीत गया है। मगर अब तक न उनकी तैनाती की गई और न ही किसी दूसरे अधिकारी को रेगुलर DGP लगाया गया। इस खबर को लेकर सरकार का पक्ष लेने को बार बार सीएम के प्रधान मीडिया सलाहाकार नरेश चौहान से संपर्क करने का प्रयास किया गया। मगर फोन नही उठाने की वजह से सरकारी पक्ष नहीं मिल पाया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *