भास्कर संवाददाता| पाली एक शाम बेहतर स्वास्थ्य के नाम कार्यक्रम रविवार को शहर के महेश वाटिका में हुआ। कार्यक्रम में उज्जैन से आए अरुण ऋषि स्वर्गीय ने दैनिक दिनचर्या में बदलाव कर खुद को कैसे स्वस्थ रख सकते हैं, इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्पर्श ही हर रोग का इलाज है। बस सही उपयोग करना सीखें। शरीर के अलग अलग हिस्सों को स्पर्श करने से ही कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं। हर रोग का इलाज सही तरीके से स्पर्श करना है। हाथों की पांच उंगलियों का सही तरीके से उपयोग करेंगे तो इससे बड़ी कोई पॉवर नहीं है। एक दवा निराली 15 सैकंड की ताली के फायदे बताए। पैर के तलवों को साफ करके चेहरे को किस प्रकार चमक आती है। इस बारे में विशेष जानकारी दी। अरुण ऋषि देश-विदेशों में करीब 2700 से अधिक कार्यक्रम कर चुके हैं। पिछले 45 वर्षों में बीमार नहीं पड़े। अरुण ऋषि ने कहा कि भारत को चाय ने बर्बाद कर दिया। दिन में 5 हजार करोड़ की चाय पी जाते हैं। इसकी जगह पर तांबे के लौटे का पानी सुबह उठते ही पीना चाहिए। ज्ञान और सूचना के बड़ा फर्क होता है। सूचना को ही ज्ञान समझ कर उपयोग लेने से मात खा रहे हैं। जीवन में ध्यान ओर मेडिटेशन का बड़ा ही महत्व है। हर मंत्र 9 तरीके से होता है। ईश्वर ने हमें 42 सेवक दिए हैं। (32 दांत+2 हाथ +2 पैर+2 कान+2 आंखें + 1 नाक + 1 जीभ) और सभी अंग 100 वर्षों के लिए डिज़ाइन किए गए थे, लेकिन ज्ञान की कमी और खराब रखरखाव के कारण हम उन्हें केवल 50-60 वर्षों में ही खराब कर देते हैं। पेस्ट की जगह हल्दी सरसों और नमक से करें ब्रश अरुण ऋषि ने बताया कि संसार में हिंदी बोलना शर्म का विषय नहीं गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि टूथब्रश करते समय पेस्ट का इस्तेमाल नहीं करें, तो क्या करें? टूथपेस्ट में फ्लोराइड नाम का जहर, जो कैंसर का कारण बन रहा है। पानी में मछलियां मरने का कारण भी यही फ्लोराइड है। अगर पेस्ट नहीं करे तो हर दिन 700 करोड़ नीम की टहनी चाहिए, ऐसे में तो जंगल खत्म हो जाएगा। हमें 10 चम्मच नमक, एक चम्मच हल्दी और सरसों का तेल लेकर ब्रश करना चाहिए। यह केवल 10 दिन तक करें, फिर हल्दी को हटा देवें, बीपी वाले सेंधा नमक यूज कर सकते हैं। अमृतधारा डाल सकते हैं।


