भास्कर संवाददाता| पाली ट्रेनों की भिड़ंत रोकने वाला कवच सिस्टम जोधपुर सहित जयपुर, अजमेर मंडल के तमाम ट्रैक पर ढाई साल में इंस्टॉल हो जाएगा। तीनों मंडल के 5561 किमी ट्रैक के लिए 2300 करोड़ रुपए का बजट मंजूर हो चुका है। यह डिवाइस ट्रेनों में सिग्नल से लेकर ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम तक को कंट्रोल करेगा। जो आपातकाल में दो ट्रेनों को भिड़ने से बचाएगा। प्रथम चरण में फलोदी से जोधपुर जंक्शन, लूणी जंक्शन, पाली मारवाड़ होते हुए मारवाड़ जंक्शन के ट्रैक पर लगाया जाएगा। अनुपम कुमार, सीनियर डीएसटीई, जोधपुर कवच में पांच सिस्टम जुड़े होते हैं। इसमें आरएफआईडी टैग ( यह ट्रैक पर लगता है)। लोको कवच ( इंजन में होता है), मोबाइल टावर ( यह लोको कवच व आरएफआईडी ट्रैक के बीच कनेक्ट रखता है), स्टेशन कवच ( यह लोको कवच और सिग्नलिंग सिस्टम से सूचना लेकर लोको कवच को सेफ स्पीड के लिए इंडीकेट करता है)। ऑप्टिकल फाइबर केबल ( यह पटरियों के साथ बिछाया जाता है। जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम विकास खेड़ा के मुताबिक 22 मार्च 2022 को दक्षिण मध्य रेलवे में 250 किमी के ट्रैक पर सफल ट्रायल हो चुका है। सबसे पहले सिकंदराबाद – विकाराबाद – वाडी – बिदर सेक्शन में डिवाइस को लगाया गया था। वर्ष 2028 में पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा। इस पर 1 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि जहां भी कवच सिस्टम लगा हुआ था वहां ट्रेन दुर्घटनाएं नहीं हुई हैं।


