एमपीयूएटी में नए कुलगुरु की तलाश:सर्च कमेटी गठित, 15 से जोधपुर कृषि विवि के कुलगुरु को दे सकते हैं चार्ज

तीन विवि की जिम्मेदारी संभाल रहे महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु अजीत कुमार कर्नाटक का कार्यकाल 15 अक्टूबर को पूरा हो जाएगा। नए कुलगुरु की तलाश के लिए राजभवन की ओर से सर्च कमेटी गठित कर दी गई है। इसके अध्यक्ष सुविवि के पूर्व कुलपति बीएल चौधरी होंगे। कमेटी की पहली बैठक अगले सप्ताह होगी। कर्नाटक पर अभी मोहनलाल सुखाड़िया विवि (सुविवि) और जय नारायण व्यास विवि (जेएनवीयू) जोधपुर का अतिरिक्त कार्यभार है। उनके पदमुक्त होते ही 5 लाख विद्यार्थियों वाले इन तीनों विवि की प्रशासनिक व्यवस्थाएं चरमरा सकती हैं। हालांकि, जेएनवीयू को 15 अक्टूबर से पहले नया कुलगुरु मिल सकता है। सुविवि का जिम्मा अब कोटा विवि के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद (बीपी) सारस्वत को देने की संभावना है। जबकि, एमपीयूएटी का अतिरिक्त प्रभार जोधपुर वेटनरी या कृषि विवि जोधपुर के कुलगुरु में से किसी एक को दिया जा सकता है। बता दें, सुविवि कुलगुरु विवादों के बीच गत 24 सितंबर से 30 दिन के अवकाश पर हैं। जेएनवीयू के लिए सर्च कमेटी सौंप चुकी पांच नाम गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी नोएडा व पेसिफिक यूनिवर्सिटी उदयपुर के पूर्व कुलपति प्रो. बीपी शर्मा की अध्यक्षता में सर्च कमेटी बन चुकी है। कमेटी ने जेएनवीयू के नए कुलगुरु पद के लिए राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े को 5 शिक्षाविदों के नाम बंद लिफाफे में सौंप दिए हैं। सीएम भजनलाल शर्मा की अनुशंसा पर राज्यपाल बागड़े इन 5 में से एक शिक्षाविद् के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे। ऐसे में संभावना है कि जेएनवीयू को 15 अक्टूबर से पहले नया कुलगुरु मिल जाएगा। सूत्रों के मुताबिक राजस्थान के बाहर (अन्य प्रदेश) के शिक्षाविद् को जेएनवीयू के कुलगुरु बनाने को लेकर राजस्थानी शिक्षकों ने विरोध दर्ज कराया है। ऐसे में जेएनवीयू कुलगुरु की नियुक्ति 15 से 30 दिन तक टल सकती है। सुविवि में भी लगातार दो बार से यूपी के शिक्षाविद् को ही जिम्मेदारी दी जा रही है।

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