शिक्षा विभाग की ओर से इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत दो दिवसीय जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी 8 अक्टूबर से शुरू होगी। इस प्रदर्शनी में जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से चयनित 319 बाल वैज्ञानिक अपने नवाचारपूर्ण वैज्ञानिक मॉडलों का प्रदर्शन करेंगे। इन मॉडलों का मूल्यांकन विशेषज्ञों की टीम द्वारा किया जाएगा और बेस्ट मॉडलों का चयन राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए किया जाएगा। जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, यह आयोजन 8 और 9 अक्टूबर को किया जाएगा। इसमें शामिल होने वाले विद्यार्थी वे हैं, जिनके आइडिया को विभाग ने पूर्व चयन प्रक्रिया में चुना था। चयनित विद्यार्थियों को अपने विज्ञान मॉडल तैयार करने के लिए विभाग की ओर से प्रत्येक को 10-10 हजार रुपए की अनुदान राशि दी गई है। वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने का प्रयास इंस्पायर अवार्ड योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और नवाचार के प्रति रुचि जगाना है। योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित किया जाता है कि वे अपने आसपास की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजें और उन्हें वैज्ञानिक तरीके से प्रस्तुत करें। इससे न केवल बच्चों में अनुसंधान की प्रवृत्ति बढ़ती है बल्कि वे तकनीकी सोच के साथ समाजोपयोगी विचार विकसित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाते हैं। जिले से 319 बाल वैज्ञानिकों के आइडिया चुने गए प्रदर्शनी के आयोजन समिति के सदस्य सचिव एडीईओ राजेश हलवान ने बताया कि शिक्षा विभाग ने जिले के सभी स्कूलों से विद्यार्थियों के आइडिया आमंत्रित किए थे। प्राप्त आवेदनों में से 319 विद्यार्थियों के विचारों का चयन उच्च स्तरीय समिति द्वारा किया गया। चयनित विद्यार्थियों को विभाग की ओर से विज्ञान मॉडल तैयार करने के लिए राशि उपलब्ध करवाई गई है, ताकि वे अपने विचारों को वास्तविक रूप दे सकें। राज्य स्तर पर पहुंचेगा सर्वश्रेष्ठ 5 से 10 प्रतिशत मॉडल जिला स्तरीय प्रदर्शनी में प्रस्तुत किए जाने वाले 319 मॉडलों में से ज्यूरी टीम द्वारा 5 से 10 प्रतिशत तक सर्वश्रेष्ठ विज्ञान मॉडलों का चयन राज्य स्तरीय इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी के लिए किया जाएगा। राज्य स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को राष्ट्रीय प्रदर्शनी में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जहां देशभर से आए युवा वैज्ञानिक अपने नवाचार प्रस्तुत करेंगे। योजना का विस्तार और नए वर्गों की भागीदारी इंस्पायर अवार्ड योजना वर्ष 2009 में शुरू की गई थी। शुरुआत में यह योजना कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों तक सीमित थी, लेकिन इस वर्ष शिक्षा मंत्रालय ने 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी इसमें शामिल किया है। इससे विज्ञान के क्षेत्र में रुचि रखने वाले वरिष्ठ वर्ग के विद्यार्थियों को भी अपने विचारों को प्रस्तुत करने का मंच मिलेगा। राष्ट्रपति भवन में सम्मान मिलेगा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित बाल वैज्ञानिकों को राज्य स्तर से चयनित सर्वश्रेष्ठ मॉडलों को राष्ट्रीय स्तर की इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जाएगा। यहां चयनित विद्यार्थियों को राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित कर उनके कार्यों को सम्मानित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को उच्च स्तर पर पहचान और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।


