वित्त विभाग के सॉफ्टवेयर आईएफएमआईएस में कर्मचारियों की पर्सनल डिटेल गलत भरी जा रही है। ऐसे कर्मचारियों की संख्या हजारों में बताई जा रही है। इसके चलते अब राज्य सरकार ने एम्पलाई डेटाबेस के अंतर्गत कर्मचारियों की जन्मतिथि, नियुक्ति तारीख और बैंक खाता नम्बर व आधार नम्बर अपडेट करने की कार्यवाही शुरू कराने के निर्देश सभी विभागों के विभागाध्यक्षों को दिए हैं। डेटा अपडेशन की यह कार्यवाही एक बार ही की जा सकेेगी। इसके लिए कार्यालय प्रमुख और आहरण संवितरण अधिकारी (डीडीओ) के प्रस्ताव के बाद बजट कंट्रोलिंग ऑफिसर (बीसीओ) पूरी जांच पड़ताल के बाद अनुमति देंगे। वित्त विभाग द्वारा इसको लेकर जारी निर्देश में कहा गया है कि कई कर्मचारियों और अधिकारियों के सेवा अभिलेख में संशोधन के लिए प्रस्ताव शासन को मिल रहे हैं। आईएफएमआईएस एम्पलाई प्रोफाइल में दर्ज की गई जानकारी को लेकर यह स्पष्ट किया जाता है कि कर्मचारियों के सर्विस रिकार्ड को अपडेट रखने की जिम्मेदारी कार्यालय प्रमुख और आहरण संवितरण अधिकारी की होती है। कार्यालय स्तर पर ही किए जाएंगे डेटा अपडेशन के काम आईएफएमआईएस में सर्विस रिकार्ड के आधार पर डेटा के अपडेशन की कार्यवाही होती है। इसलिए जिन भी अधिकारियों और कर्मचारियों के सर्विस रिकार्ड में किसी तरह की गड़बड़ है उसे कार्यालय स्तर पर दुरुस्त कराया जाए। वित्त विभाग ने कहा है कि आईएफएमआईएस में ईएसएस मॉड्यूल में कर्मचारियों के सर्विस रिकार्ड सुधारने का काम आहरण संवितरण अधिकारी (डीडीओ) और बीसीओ स्तर के अधिकारी कर सकेंगे। अगर किसी कर्मचारी की जन्मतिथि में डेटा गड़बड़ दर्ज है तो लिपिकीय त्रुटि होने की दशा में कार्यालय प्रमुख और डीडीओ द्वारा बीसीओ को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बीसीओ इसका नियमानुसार परीक्षण कर बदलाव की अनुमति देंगे। बैंक खाता, आधार में भी हो सकेगा अपडेशन अगर जन्मतिथि में काट-छांट की गई है तो वित्त विभाग द्वारा पूर्व में जारी निर्देशों के आधार पर कार्यालय प्रमुख इसका अनुमोदन बीसीओ से लेंगे। इसके अतिरिक्त अगर किसी अन्य वजह से जन्मतिथि में बदलाव की स्थिति बनती है तो वित्त विभाग के नियमों के परीक्षण के आधार पर अनुमति दी जाएगी। वित्त विभाग ने कहा है कि इसी तरह बैंक खाता वितरण में संशोधन, आधार क्रमांक में संशोधन और नियुक्ति तारीख में संशोधन के ऑप्शन भी दिए गए हैं।


