शाजापुर थाने पहुंचीं छात्राएं बोलीं- कंपनी ने की धोखाधड़ी:इंग्लिश सिखाने के नाम पर 11 हजार लिए; मासिक आय का वादा नहीं किया पूरा

शाजापुर में शासकीय कॉलेज की छात्राओं के साथ इंग्लिश सिखाने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सोमवार को पीड़ित छात्राओं ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के पदाधिकारियों के साथ लालघाटी थाने में शिकायत दर्ज कराई। छात्राओं ने बताया कि शहर के इंदिरा नगर स्थित एमवाईएल नामक एक कंपनी ने उन्हें इंग्लिश सिखाने और नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर ठगा। 10 से अधिक छात्राओं ने इस कंपनी में 11 हजार रुपए जमा किए थे। उन्हें हर महीने 7 हजार रुपए से अधिक मासिक आय का वादा किया गया था, लेकिन तीन से चार महीने बाद भी उन्हें कुछ नहीं मिला। छात्राओं को पैसे जमा करने के बाद अन्य सदस्यों को जोड़ने के लिए कहा गया था। जब उन्हें न तो इंग्लिश सिखाई गई और न ही वादे के अनुसार आय मिली, तो उन्होंने परेशान होकर पुलिस का दरवाजा खटखटाया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री पवन गुर्जर ने बताया कि छात्राओं ने उनके साथ ठगी होने की शिकायत की है, जिसके बाद पुलिस में आवेदन दिया गया। नहीं मिला लाभ, रुपए भी अटके पीड़िता यशिका भावसार ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उनकी सहेली ने उन्हें इंग्लिश कोचिंग के बारे में बताया था। कंपनी ने उनसे 11 हजार रुपए लिए, लेकिन कोई इंग्लिश नहीं सिखाई। पैसे लेने के बाद उन्हें और लोगों को जोड़ने के लिए कहा गया। यशिका के अनुसार, उन्हें मासिक आय का वादा भी किया गया था, लेकिन आज तक कुछ नहीं मिला और उनके 11 हजार रुपए भी वापस नहीं किए जा रहे हैं। कंपनी सरकार से पंजीकृत इस मामले में कंपनी से जुड़ी निकिता पाटीदार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी कंपनी सरकार से पंजीकृत है और वे स्किल एजुकेशन पर काम करते हैं। उन्होंने बताया कि 11 हजार रुपए एजुकेशन हेल्थ के लिए होते हैं और एक व्यक्ति को जोड़ने पर 1000 रुपए मिलते हैं। निकिता ने कंपनी में किसी भी प्रकार के धोखाधड़ी से इनकार किया। आवेदन की पहले जांच करेंगे लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने जानकारी दी कि छात्राओं ने एक शिकायती आवेदन दिया है, जिसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कंपनी से जुड़े कुछ युवक और युवतियां भी थाने पहुंचे थे, जिनके नाम-पते दर्ज कर उन्हें छोड़ दिया गया है।

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