बुलंदशहर में बेटे को बचाने आई मां को मार डाला:बोले-तुझे सरपंच बनने का शौक था, अब बन, पंचायत में न बुलाने से नाराज थे

बुलंदशहर में बेटे को बचाने आई मां की हत्या कर दी गई। चार लोगों ने घर में घुसकर लाठी-डंडों से हमला किया। आरोपियों को इस बात की खुन्नस थी कि दो युवकों के बीच मारपीट के मामले में गांव में हुई पंचायत के समझौते में उन्हें क्यों नहीं बुलाया गया। आरोपियों के मारपीट करने का वीडियो भी सामने आया है। मामला खानपुर थाना क्षेत्र के जाड़ौल गांव का है। दशहरा वाले दिन मेले में बिक रही सीटी को एक युवक ने दूसरे युवक के कान के पास बजा दिया था। इसके बाद दोनों में झगड़ा हो गया। झगड़ा होने के बाद महिला के बेटे ने रविवार को दोनों के बीच समझौता करा दिया था। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तारी कर लिया गया है। अब विस्तार से पूरा मामला पढ़िए… दशहरा वाले दिन गांव के दो युवकों ऊधम और छोटू में झगड़ा हो गया था। उधम ने मेले में बिक रही बच्चों की सीटी लेकर छोटू के पास बजा दिया। छोटू ने इसका विरोध किया तो मेले में ही दोनों में जमकर मारपीट हुई। लोगों ने दोनों को अलग-अलग किया और शांत कराया। रविवार की शाम गांव के रहने वाले विजय सिंह ने ब्रजपाल और प्रथम सिंह के साथ मिलकर दोनों को बुलाया। छोटू और उधम के बीच हुई मारपीट को लेकर बात कर दोनों में समझौता करा दिया। छोटू और ऊधम झगड़ा न करने को लेकर मान गए और अपने-अपने घर चले गए। समझौता होने के कुछ ही देर में गांव के मोनी, नरेश, प्रवत्ति और अनिल, विजय के घर पहुंचे। दरवाजे पर पहुंचकर दोनों विजय से बहस करने लगे। इन लोगों ने विजय से पूछा कि समझौता उसने किस हक से और क्यों कराया। पंचायत में नहीं बुलाए जाने से वे लोग नाराज थे। मामला बढ़ता देख विजय ने माफी मांगी लेकिन चारों लोग गुस्से में थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चारों अपने साथ लाठी-डंडा लेकर आए थे। उन्होंने विजय को उससे मारना शुरू कर दिया। मारपीट की आवाज सुनकर विजय की मां उर्मिला (55) बाहर आईं। बेटे विजय को पीटता देख वह उसे बचाने के लिए लपकीं। गुस्साए आरोपियों ने उनके सिर पर भी लाठी से वार कर दिया। लाठी पड़ते ही वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं। इसके बाद चारों आरोपी फरार हो गए। घर वाले तुरंत उन्हें लेकर जिला अस्पताल की तरफ भागे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। बेटा बोला- फोन करके धमकाया
मृतक महिला के बेटे विजय ने बताया कि मैं रजिस्ट्रार ऑफिस में संविदा पर नौकरी करता हूं। गांव में मेरी मां-पत्नी और दो बच्चों का परिवार रहता है। दशहरा वाले दिन मेले में एक छोटा सा विवाद हो गया था। दो युवकों का झगड़ा हो गया था। इसे हम 4-5 लोगों ने मिलकर निपटा दिया था। कई मोटरसाइकिल से पहुंचे आरोपी
इसके बाद कल मुझे मोनी पुत्र चरन सिंह का फोन मेरे पास आया। बोला कि तूने समझौता कैसे करा दिया, हमें क्यूं नहीं बुलाया। मैंने कहा हो गया समझौता कौन सा बड़ी बात है। अगर आपको बुरा लगा है तो मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। इस पर वह कहता है कि हम तुझे ढंग से पंच बनाएंगे, तू ज्यादा नेता बन रहा है। मुझसे बोला कि तू कहां है इस टाइम। मैंने जब बताया कि घर पर हूं तो 5-6 मोटरसाइकिल से उनका पूरा परिवार आ गया। आकर उन लोगों ने लाठी-डंडे और रस्सी से हमला कर दिया। इसी बीच मेरी माता जी बचाने आईं और उनके सिर पर डंडा लगा। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। सीओ ने मौके का निरीक्षण किया
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही खानपुर पुलिस मौके पर पहुंची। स्याना के क्षेत्राधिकारी (सीओ) ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। बेटे की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। सीओ प्रखर पांडेय ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। महिला के बेटे से तहरीर प्राप्त कर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। ————————- यह खबर भी पढ़ें… यूपी में नरेश पंडित के बाद इमरान एनकाउंटर में ढेर:सहारनपुर में सीने में गोली लगी, 2 घंटे में दो बदमाश मारे गए यूपी पुलिस ने रविवार रात 2 घंटे के अंदर दो बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया। पहला एनकाउंटर रात 8 बजे फिरोजाबाद में हुआ। यहां पुलिस ने बदमाश नरेश पंडित उर्फ पंकज को एनकाउंटर में गोली मारकर ढेर कर दिया। दूसरा एनकाउंटर फिरोजाबाद से 400 किमी दूर सहारनपुर में हुआ। यहां बदमाश इमरान मुठभेड़ में मारा गया। इमरान पर 1 लाख का, जबकि नरेश पंडित पर 50 हजार का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में दोनों बदमाशों के सीने में गोली लगी थी। पढ़ें पूरी खबर…

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