नरसिंहपुर के चर्चित फर्जी दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग केस में फंसाने और बाद में राजीनामा के नाम पर वसूली करने वाले गिरोह के तीनों आरोपी अब जेल में हैं। सोमवार को स्टेशनगंज थाना पुलिस ने बाकी दो आरोपियों बृजेंद्र दुबे उर्फ छुट्टू महाराज और संदीप राजपूत को कोर्ट में पेश किया, जहां उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। इस बीच पीड़ित पक्ष ने इस पूरे फर्जीवाड़े में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए महिला थाना प्रभारी और एक प्रधान आरक्षक के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है। जमानत खारिज, तीनों आरोपी जेल में पुलिस ने फर्जी दुष्कर्म प्रकरण की मुख्य आरोपी महिला पूना बाई चौधरी को शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शेष दो आरोपी बृजेंद्र दुबे और संदीप राजपूत को रविवार को हिरासत में लिया गया था। सोमवार को न्यायालय परिसर में गहमा गहमी रही। दोपहर करीब साढ़े पांच बजे सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। थाना प्रभारी रत्नाकर हिंग्वे ने रविवार को आरोपियों को न्यायालय में पेश नहीं किया था, यह कहते हुए कि ₹30,000 की जब्त राशि बरामद नहीं हुई है। सवाल यह उठा कि जब 2 अक्टूबर को पुलिस ने रकम सहित आरोपी को पकड़ा था, तो वह राशि आरोपी के कार्यालय में कैसे पहुंची। बाद में पुलिस ने देर रात उक्त रकम जब्त की। दो लाख में राजीनामा करने के लिए कहा पीड़ित दंपती राजेश और सुमन जैन ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत पत्र सौंपकर महिला थाना प्रभारी और प्रधान आरक्षक रश्मि शर्मा को फर्जी धारा 376 (दुष्कर्म) प्रकरण में सह-अभियुक्त बनाए जाने की मांग की है। दंपती ने आरोप लगाए कि 1 अक्टूबर को महिला थाना में उन्हें बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद बृजेंद्र दुबे, संदीप राजपूत और पूना बाई ने राजेश जैन से दो लाख रुपए में राजीनामा करने की मांग की। शिकायत के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने भी उन पर दबाव बनाते हुए कहा कि “जल्दी राजीनामा करो, नहीं तो एफआईआर दर्ज होगी।” दंपती ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें 4 घंटे तक थाने में बैठाकर अपमानित किया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान हुई बातचीत की पूरी घटना सीसीटीवी में दर्ज होगी। पीड़ित दंपती के वकील संजय राजपूत ने न्यायालय में पक्ष रखा, जबकि आरोपियों की ओर से अधिवक्ता जलज खेमरिया ने जमानत याचिका दायर की थी।


