छतरपुर में कपड़ा व्यापारियों ने मेला प्रदर्शनी का किया विरोध:बोले- बाहरी दुकानदारों से घट रही बिक्री, नशाखोरी बढ़ी

छतरपुर के कपड़ा व्यापारियों ने मेला ग्राउंड में लगने वाली प्रदर्शनी का विरोध किया है। सोमवार को व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और प्रदर्शनी पर रोक लगाने की मांग की। उनका कहना है कि इससे उनका व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों ने ज्ञापन में बताया कि शहर के मेला ग्राउंड के आधे हिस्से में हर साल 6 से 7 महीने तक प्रदर्शनी लगती है। इससे स्थानीय व्यापारियों की बिक्री लगातार घट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नजूल शाखा की जमीन पर नगर पालिका और एसडीएम स्तर पर ठेकेदारों को गुपचुप तरीके से भूमि आवंटित कर दी जाती है, जिसमें पारदर्शिता का अभाव है। व्यापारियों के अनुसार, मेला प्रदर्शनी के दौरान बाहरी राज्यों से व्यापारी आकर कपड़े बेचते हैं। गर्मी और सर्दी के मौसम में कपड़ों की सबसे अधिक बिक्री होती है, ऐसे में प्रदर्शनी लगने से स्थानीय दुकानदारों की कमाई लगभग ठप हो जाती है। इसके अलावा, रात के समय मेला ग्राउंड में नशाखोरी जैसी असामाजिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। दुकानदारों ने यह भी आरोप लगाया कि मेला प्रदर्शनी ठेकेदार ‘लोकल फॉर वोकल’ का नाम लेकर अधिकारियों को गुमराह करते हैं, जबकि प्रदर्शनी में 90 प्रतिशत दुकानें बाहरी होती हैं। कपड़ा व्यापारी धरमदास गुप्ता ने बताया कि अधिकांश दुकानदार कर्ज लेकर व्यापार करते हैं, लेकिन प्रदर्शनी के कारण उनकी बिक्री रुक जाती है। नरेंद्र कुमार चौरसिया ने कहा कि ऑनलाइन बिक्री से पहले ही व्यापार प्रभावित है, और अब बाहरी प्रदर्शनी से स्थानीय व्यापार पूरी तरह चौपट हो रहा है। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि मेला ग्राउंड में लगने वाली प्रदर्शनी की पूरी जांच कराई जाए और स्थानीय व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस पर तत्काल रोक लगाई जाए।

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