जबलपुर में 5 लोगों ने मिलकर एक शख्स की चाकू, तलवार और लोहे की पाइप से हमला कर दिया। घटना रविवार रात की है। जब राजीव गांधी नगर में रहने वाले लोग देवी विसर्जन करने जा रहे थे, उसी दौरान यह विवाद हुआ। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने घायल हालत में शख्स को इलाज के लिए मेडिकल काॅलेज भिजवाया, जहां सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक का नाम ईश्वर प्रसाद वंशकार है। वह प्राइवेट जाॅब करता था। आरोपी पड़ोस के ही रहने वाले हैं। उनकी तालाश के लिए माढ़ोताल थाना पुलिस की तीन टीम लगी हुई है। घटना के वक्त ईश्वर प्रसाद वंशकार पड़ोस की दुकान में गुटखा लेने गया था। वहां पहले से फुलवर भट्ट, अरुण भट्ट, अरुण जैन, राज भट्ट एवं शिवम चक्रवर्ती खड़े थे। ये सभी शराब के नशे में थे। ईश्वर को देखने के बाद आरोपियों को लगा कि वह उन्हें देखकर हंस रहा है। इसके बाद हत्यारों ने विवाद करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद हालात ऐसे बन गए कि आरोपियों ने तलवार, चाकू से लैस होकर ईश्वर पर हमला कर दिया, और तब तक मारते रहे, जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी वहां से फरार हो गए। बचाने आए लोगों से भी मारपीट
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विवाद और मारपीट का शोर सुनकर विसर्जन समारोह में शामिल दुर्गाेत्सव समिति के कुछ सदस्य पहुंचे। उन्होंने हस्तक्षेप किया तो आरोपितों को वह नागवार गुजरा। आरोपियों ने ईश्वर प्रसाद को बचाने के लिए पहुंचे प्रिंस रजक, अजय चौधरी एवं समिति के अन्य सदस्यों के साथ धुक्का-मुक्की करते हुए मारपीट की। इस बीच लाठी से किए हमले में बीच-बचाव करने वाले कुछ अन्य लोगों को भी हल्की चोट आई है। विसर्जन चल समारोह में ईश्वर प्रसाद का नाबालिग बेटा भी था। उसकी आंखों के सामने ही आरोपियों ने उसके पिता की हत्या कर दी। विवाद और भीड़ देखकर ईश्वर प्रसाद का नाबालिग बेटा पहुंचा। उसने पिता पर जानलेवा हमला होते हुए देख समिति के सदस्यों को बुलाया। सभी ने मिलकर तलवार, पाइप और लाठी से प्रहार कर रहे, आरोपियों को रोकना। लेकिन हमलावर ईश्वर प्रसाद पर तब तक हमले जारी रखें, जब तक उनकी हालत गंभीर नहीं हो गई। हमले में ईश्वर प्रसाद जब जमीन पर गिरकर गए, तब आरोपित मौके से भाग गए। आरोपितों की तलाश जारी
विसर्जन चल समारोह के दौरान विवाद और हत्या से क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, सोमवार की शाम को मृतक के परिजनों ने रोड पर जाम लगा दिया, जिससे कि कुछ देर के लिए चल समारोह को रोक दिया गया। सोमवार की शाम को मौके पर पहुंची पुलिस ने समिति सदस्यों से बातचीत के बाद प्रतिमा का हनुमानताल में विसर्जन सुनिश्चित कराया। पोस्टमॉर्टम के बाद ईश्वर प्रसाद का शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस को आरंभिक जांच में आरोपियों की ईश्वर प्रसाद के साथ शत्रुता होने की जानकारी लगी है। सीएसपी भगत सिंह गठोरिया का कहना है कि फरार आरोपी फुलवर भट्ट, अरूण भट्ट, अरूण जैन, राज भट्ट एवं शिवम चक्रवर्ती की तलाश की जा रही है, जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। विवाद का वीडियो वायरल, टीआई बोले-यह गलत
ईश्वर प्रसाद की मौत को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि आरोपी जब ईश्वर के साथ मारपीट कर रहे थे, उस दौरान वहां से दुर्गा जी की प्रतिमा विसर्जन के लिए निकल रही थी, मौके पर मौजूद लड़कों ने जब आरोपियों को रोकने की कोशिश की तो उन पर भी हमला कर दिया। हालांकि, माढ़ोताल थाना प्रभारी नीलेश दोहरे का कहना है, कि वायरल वीडियो गलत है, इसका ईश्वर की हत्या से कोई तालुल्क नहीं है, क्योंकि जिस जगह का वीडियो बताया जा रहा है, वह घटनास्थल से दूर है।


