भास्कर इंपैक्ट दैनिक भास्कर में बिना डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के कफ सिरप की बिक्री से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे खतरे को लेकर प्रकाशित खबर का बड़ा असर हुआ है। खबर प्रकाशित होने के बाद रांची जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सिविल सर्जन रांची को जांच और सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि अब बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी भी मेडिकल स्टोर में कफ सिरप की बिक्री नहीं की जाएगी। साथ ही चिकित्सकों को भी यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वे केवल उन्हीं बच्चों को दवा लिखें, जिनमें दुष्प्रभाव की संभावना न हो। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर या चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाजार में उपलब्ध कफ सिरप के सैंपल की जांच भी कराई जाएगी। डीसी ने लोगों से अपील की है कि वे डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को कोई भी कफ सिरप न दें। डीआईसी : 2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न दें
भारत सरकार के निर्देश के बाद झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने बाल चिकित्सा में कफ सिरप के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों और सिविल सर्जनों को निर्देश जारी किया है। स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक प्रमुख डॉ. सिद्धार्थ सान्याल ने स्पष्ट किया है कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप नहीं दी जानी चाहिए, जबकि पांच वर्ष से कम आयु में भी इसका उपयोग सामान्यतः अनुशंसित नहीं है। चिकित्सक की निगरानी में इसका प्रयोग किया जा सकता है। पर्याप्त जल सेवन और आराम को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।


