राज्य के बीएड कॉलेजों में दो वर्षीय पाठ्यक्रम में 15 हजार और चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स के तहत बीए-बीएड पाठ्यक्रम में 40% तथा बीएससी – बीएड में 51% सीटें रिक्त हैं। रिक्त सीटों को भरने के लिए सोमवार को नोडल एजेंसी वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा की ओर से बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के बीएड कॉलेजों में अब तक हुआ प्रवेश की समीक्षा की गई। दो वर्षीय पाठ्यक्रम के 944 कॉलेजों में 92 हजार प्रवेश हुए हैं। जबकि बीए – बीएड में 13868 और बीएससी- बीएड में 10305 अभ्यर्थियों को तीन राउंड में हुई काउंसलिंग के तहत प्रवेश मिल चुका है। अनेक अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद भी कॉलेज में प्रवेश नहीं लिया है। दरअसल, कुछ विश्वविद्यालय की ओर से यूजी व पीजी फाइनल ईयर के अंतिम वर्ष का परीक्षा परिणाम काउंसलिंग के समय घोषित नहीं होने के कारण कुछ अभ्यर्थी कॉलेजों में निर्धारित समय पर ज्वाइनिंग नहीं कर पाए। वहीं कुछ अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में कमी के कारण प्रवेश नहीं हो पाया। अब वंचित अभ्यर्थियों को प्रवेश का एक मौका और मिलने की संभावना है। हालांकि सोमवार को ही मीटिंग में इस संबंध में अंतिम निर्णय नहीं हो पाया। संभावना जताई जा रही है कि मंगलवार को दूसरे दौर की बैठक में नोडल एजेंसी इस संबंध में अंतिम फैसला लेगी। 1.10 लाख अभ्यर्थियों ने कराया रजिस्ट्रेशन दरअसल दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम की 1.07 लाख सीटों पर प्रवेश के लिए राज्य के 1 लाख 10 हजार अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन काउंसलिंग में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया। लेकिन इनमें से प्रवेश केवल 92 हजार स्टूडेंट्स को ही मिला है। वहीं चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएससी-बीएड और बीए – बीएड पाठ्यक्रम में निर्धारित सीटों से कम रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इस कारण इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम में दो वर्षीय पाठ्यक्रम की तुलना में सीटें अधिक रिक्त रही है। यदि प्रवेश से वंचित रहे अभ्यर्थियों को एक मौका और दिया जाएगा तो दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम की सीटें भरने की संभावना है। बीएड कॉलेजों में सीटें और प्रवेश कोर्स कॉलेज सीटें प्रवेश हुए बीएड 944 1.07 लाख 92 हजार बीए- बीएड 443 23 हजार 13868 बीएससी-बीएड 414 21 हजार 10305


