कोंडागांव में स्वीकृत कार्यों का फिर से भूमिपूजन:कांग्रेस ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया; जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

कोंडागांव जिले में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा स्वीकृत और भूमिपूजित कई विकास कार्यों का पुनः भूमिपूजन किए जाने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस जनप्रतिनिधियों ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है इन निर्माण कार्यों का भूमिपूजन पहले ही कलेक्टर और जिला प्रशासन की उपस्थिति में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कर चुका था। इसके बावजूद, उन्हीं योजनाओं का फिर से भूमिपूजन वर्तमान विधायक लता उसेंडी से कराया जा रहा है। दोबारा भूमिपूजन की क्या आवश्यकता – कांग्रेस कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जब काम पहले से स्वीकृत और भूमिपूजित हैं, तो दोबारा भूमिपूजन की क्या आवश्यकता है? कांग्रेस जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रशासन द्वारा संबंधित कार्यक्रमों की सूचना निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को नहीं दी गई। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक मर्यादा और जनता के जनादेश का अपमान है। कांग्रेस नेताओं ने जोर देकर कहा कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि किसी पार्टी विशेष का नहीं, बल्कि पूरी जनता का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में कांग्रेस समर्थित जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज करना ‘जनप्रतिनिधियों और जनादेश दोनों का अपमान’ है। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कांग्रेस नेताओं ने एक ज्ञापन के माध्यम से इस कथित प्रशासनिक लापरवाही की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया, तो कांग्रेस पार्टी कोंडागांव कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जनप्रतिनिधियों के सम्मान और जनता के जनादेश की रक्षा के लिए आंदोलन करेगी। स्थानीय राजनीतिक गलियारों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की आगामी प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

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