धौलपुर जिले में सोमवार देर रात हुई भारी बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हो गया, वहीं खेतों में खड़ी और कटी हुई खरीफ की फसलें पानी में डूबने लगी हैं। दीपावली से पहले सूख चुके इलाके एक बार फिर जलमग्न हो गए। सुबह काम पर निकलने वाले लोगों को जगह-जगह भरे पानी के कारण आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जगन तिराहा, हरदेव नगर और मुख्य बाजार सहित कई निचले क्षेत्रों में पानी भर गया। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। किसानों पर दोहरी मार: खरीफ बर्बाद, रबी की बुवाई पर संकट इस बारिश ने किसानों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। जून से शुरू हुई बरसात का दौर अभी तक पूरी तरह थमा नहीं है। लगातार हो रही बारिश से खरीफ की फसलें जैसे मूंग, मोठ, तिलहन, ग्वार, ज्वार, मक्का, मूंगफली और गन्ना बर्बादी की कगार पर पहुंच गई हैं।जो किसान फसल काट चुके थे, उनके खेतों में फसलें अब सड़ने लगी हैं। खेतों में कटाई के बाद पड़ी फसलें पानी में गल रही हैं। किसानों ने कहा कि “कुदरत की मार के सामने अन्नदाता बेबस है। रबी की बुवाई पर भी असर शारदीय नवरात्रों के साथ ही सरसों और गेहूं की रबी फसल की बुवाई शुरू होती है, लेकिन देर रात की बारिश से खेतों में नमी और जलभराव बढ़ गया है। इससे बुवाई कार्य प्रभावित हुआ है। किसान मौसम खुलने का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे जल्द से जल्द रबी सीजन की तैयारी शुरू कर सकें। बारिश ने शहर को भी किया बेहाल धौलपुर शहर में हरदेव नगर, जगन तिराहा और बस स्टैंड क्षेत्र में पानी भर गया। कई दुकानों और घरों में भी पानी घुस गया। निगम और प्रशासन की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बरसात से स्थिति नियंत्रण में नहीं आ पा रही है। एक ओर खरीफ फसलें सड़ रही हैं तो दूसरी ओर रबी सीजन की शुरुआत खतरे में है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर भारी असर पड़ने की आशंका है।


